सीतापुर। झांसे में लेकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी की पुलिस ने 1.04 करोड़ रुपये की संपत्ति शुक्रवार को जब्त कर ली गई। संपत्ति में उसका एक मकान और चर्च शामिल है। गैंगस्टर एक्ट के तहत जिलाधिकारी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।
दिसंबर 2022 में पुलिस ने सदरपुर के शहबाजपुर व पोखराकलां के बीच स्थित एक चर्च से आरोपी डेविड और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि वह पांच सौ लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहा था। इस दौरान ब्राजील के कुछ लोग भी सभा में शामिल हुए थे। उसके खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि कोतवाली महमूदाबाद पुलिस ने लखनऊ के जानकीपुरम निवासी डेविड अस्थाना उर्फ सोनू प्रभाकर की थाना सदरपुर गांव शहबाजपुर में स्थित जमीन पर बने आलीशान मकान और चर्च को जब्त कर लिया है। संपत्ति की कीमत करीब 1.04 करोड़ रुपये है।
पुलिस के मुताबिक डेविड अस्थाना एक संगठित गिरोह बनाकर लोगों को भ्रमित कर धर्म परिवर्तन कराता है। उसकी आय का कोई अन्य स्रोत नहीं था। न ही इतनी पैतृक संपत्ति थी कि जिसके जरिए वह इतने कम समय में मूल्यवान जमीनें खरीद सके। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति का उपयोग आरोपी और उसके परिजन कर रहे थे। गैंगस्टर एक्ट के तहत विवेचक ने डीएम कार्यालय को साक्ष्य की रिपोर्ट भेजी थी। उनके आदेश पर कार्रवाई की गई है।
मूल रूप से जौनपुर का रहने वाला है डेविड
18 दिसंबर 2022 को सदरपुर के शहबाजपुर से मामला प्रकाश में आया था। जब्त की गई चर्च में डेविड अपनी पत्नी रोहिणी के साथ लोगों का धर्म परिवर्तन एक सभा के माध्यम से करा रहा था। वहां पर चार लोग ब्राजील से भी आए हुए थे। जिसकी जानकारी किसी को भी नहीं थी। ये सभी टूरिस्ट वीजा पर आए थे। स्थानीय हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता की शिकायत पर मामला प्रकाश में आया था। आरोपी डेविड मूल रूप से जौनपुर जनपद के शाहगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत लाखापूरब गांव का रहने वाला है। वर्ष 2008 में डेविड ने एक एनजीओ में काम करने के दौरान ही धर्म परिवर्तन कर लिया था। एएसपी दक्षिणी एनपी सिंह ने बताया कि डेविड के सभी खातों को सीज कर दिया गया है। आरोपी के एक भाई ने भी बीते दिनों अपना धर्म बदला था।
दो संस्थाए भेजती थीं पैसा, तीन देशों की कर चुका था यात्रा
आरोपी ने खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और धर्मांतरण को रफ्तार देने के लिए तीन देशों की यात्रा की थी। उसने वर्ष 2018 में ब्राजील और 2019 में साउथ कोरिया के साथ अर्जेंटीना की यात्रा की। ब्राजील यात्रा के दौरान डेविड ने जिन लोगों से फंडिंग के लिए संपर्क किया था, वही लोग चर्च में पाए गए थे। वर्ष 2009 में डेविड ने रेहामा बाइबल कॉलेज से पास्टर की पढ़ाई के साथ दो अन्य कोर्स भी किए थे। नागपुर में ही उसकी मुलाकात रोहिणी से हुई। 2011 में शादी कर दोनों लखनऊ में एक अन्य एनजीओ से जुड़ गए। इस एनजीओ के प्रबंध निदेशक को भी डेविड ने अपनी बातों में फंसाकर धर्म परिवर्तन के बाद ईसाई बना दिया था। इसके साथ ही वह विदेश से ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार की किताबें भी मंगवा कर बेचने लगा। साल 2014 में उसने शहबाजपुर में चर्च बनाने के लिए जमीन खरीदी थी।