सीतापुर। जिले में विभिन्न विभागों की 50 लाख से ऊपर की कई परियोजनाओं की प्रगति पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे यह परियोजनाएं अधूरी हैं। इसमें से कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं का समय से कार्य पूर्ण न होने से जनसामान्य को दिक्कत हो रही है। बजट को पुनरीक्षित कराए जाने के बाद भी कार्य अधूरे हैं।
बड़ी परियोजनाओं को पूर्ण करने में कार्यदायी संस्थाएं संजीदा नही हैं। इससे वह अधूरी हैं। बिसवां तहसील में शारदा नदी के दायें किनारे पर स्थित ग्राम छोलहा, श्रीराम पुरवा, गोड़ियन पुरवा, नई बस्ती और कहारन पुरवा व अन्य की शारदा नदी के कटान से सुरक्षा के लिए स्टड निर्माण की परियोजना की लागत 10.38 करोड़ स्वीकृत है।
इस कार्य को जुलाई 2022 में पूर्ण करने के निर्देश थे। बावजूद इसके काम अधूरा है। इसी तहर लहरपुर क्षेत्र के लीलापुरवा, बरछता, चटेला आदि गांवों को कटान से बचाने के स्टड निर्माण कार्य भी अधूरा है। राजघाट नैमिषारण्य में मंडप हाल और भवनों का निर्माण बीते साल अप्रैल में पूर्ण होना था।
यह कार्य भी अधूरा है। अन्य कई कार्य भी तय समय पर नही पूर्ण हो सके हैं। इससे उद्देश्य की पूर्ति नही हो रही है। संबंधित लोगों को इसका लाभ नही मिल रहा है।