सीतापुर। खैराबाद के सरैंया सानी गांव के मूल निवासी विकास सिंह तोमर आधुनिक खेती से किसानों की आर्थिक सेहत को सुधार रहे हैं। कृषि परास्नातक विकास ने वर्ष 2004 से 2009 तक विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों में उच्च पद पर नौकरी की। इसके बाद उनमें अपनी जन्मभूमि के किसानों के साथ काम करने की ललक हुई।
2009 में शुरू हुआ कारवां लगातार जारी है। विकास अब तक 371 किसानों को उद्यमी बना चुके हैं। एफपीओ बनाकर 1128 किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखा रहे हैं। वह ग्लेडियोलस फूल संग कई प्रकार की आर्थिक लाभ देने वाली बेहतर खेती कर रहे हैं।
विकास सिंह ताेमर ने 2009 से 2015 तक किसानों को विभिन्न उपक्रमों से जोड़ते हुए कृषि व्यवसाय से जोड़ा। 2015 में नाबार्ड के सहयोग से कृषक उत्पादक संगठन ओजोन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी बनाई। जिसके तहत किसानों को आने वाली तकनीकी समस्याओं, आदान की समस्या पर काम किया और व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहित करते हुए कृषक उद्यमियों की एक टीम तैयार की।
वह 1128 सदस्यों के साथ मिलकर मशरूम का उत्पादन व प्रसंस्करण, बीज उत्पादन, गुड़ उत्पादन, श्रीअन्न का उत्पादन और उसके प्रसंस्करण जिससे उत्पाद कुकीज, लड्डू, पास्ता, मैक्रोनी आदि का निर्माण कर रहे है। फूलों की खेती जिसमें ग्लेडियोलस का उत्पादन, देशी गाय का घी उत्पादन, कार्बन की खेती, सोलर की खेती, सब्जियों को निर्जलीकृत करते हुए विभिन्न उत्पादों का निर्माण आदि का काम बड़े स्तर पर किसानों को जोड़कर कराया जा रहा है। क्षेत्र के 86,780 किसानों को विकास सिंह तोमर के द्वारा किए जा रहे कार्यों से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिला है।