सम्मान प्रमाण पत्र के साथ प्रगतिशील किसान श्वेतांक त्रिपाठी।
- फोटो : सम्मान प्रमाण पत्र के साथ प्रगतिशील किसान श्वेतांक त्रिपाठी।
सीतापुर। गांजरी क्षेत्र के विकास खंड रेउसा के ऑर्गेनिक विलेज सिकौहा निवासी प्रगतिशील किसान श्वेतांक त्रिपाठी की ओर से उत्पादित नई प्रजाति की तीन हल्दियों को केंद्र सरकार ने मालिकाना हक प्रदान किया है। इसमें सफेद हल्दी का प्रसंस्करण कर एसेंस बनाया जा रहा है। यह 35 बीमारियों में प्रयोग किया जा रहा है। इस उपलब्धि के लिए कृषि विभाग की ओर से किसान को सम्मानित भी किया गया है।
राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत ऑर्गेनिक विलेज सिकौहा निवासी प्रगतिशील किसान श्वेतांक त्रिपाठी जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। उनकी ओर से तीन प्रकार की क्रमश: श्रीकांत सफेद, मनोज टी और रागिनी नई प्रजाति की हल्दी की खेती की जा रही है। केंद्र सरकार के पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण ने इन्हें इन किस्मों का मालिकाना हक प्रदान किया गया है। वह श्रीकांत सफेद हल्दी की खेती गो आधारित प्राकृतिक विधि से कर रहे हैं।
इस हल्दी में तमाम औषधीय गुण हैं। श्वेतांक ने बताया कि इस हल्दी से संजीवनी एसेंस बनाया जा रहा है। जिससे सर्दी, जुकाम, खांसी, स्नोफीलिया,गिल्टियों, हड्डी के जोड़ों, सिर दर्द आदि 35 रोगों में फायदा होता है। सरसों के तेल के साथ मालिश करने से थकान दूर होती है। इस हल्दी से अन्य उत्पाद भी बनते हैं।, जिनके औषधीय गुण हैं। उन्होंने बताया कि इस एसेंस को सीतापुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही छह देशों के लोगों तक पहुंचाया गया है।