सीतापुर। गायत्री परिवार जेलों में बंदी साधना अभियान चला रहा है। गुरुवार को जिला कारागार में प्रज्ञा जागरण कार्यशाला हुई। बंदियों को गायत्री मंत्र लेखन साधना के विषय में बताया गया। इसमें तमाम बंदियों ने नियमित गायत्री मंत्र लेखन का संकल्प लिया।
कार्यशाला का शुभारंभ एमएलसी अवनीश सिंह और जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने दीप जलाकर व मां गायत्री के पूजन के साथ किया। बंदियों से गायत्री परिवार ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी गंगासागर वर्मा ने कहा नियमित गायत्री मंत्र के जप से मन को शांत और विचारों को उच्च बनाने में काफी सहायता मिलती है। व्यक्ति का जीवन सुखद और श्रेष्ठ होता है। लखनऊ की निधि वर्मा ने बताया कि वैज्ञानिक प्रयोगों में भी पाया गया है कि गायत्री मंत्र के उच्चारण में सर्वाधिक एक लाख 25 हजार कंपन होते हैं, जो व्यक्ति के भीतर सूक्ष्म ग्रंथियों और ऊर्जा प्रवाहों को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बंदियों को गायत्री मंत्र लेखन साधना के विषय में भी विस्तार से बताया गया, जिससे प्रेरित होकर अनेक बंदियों ने नियमित गायत्री मंत्र लेखन के संकल्प लिए। बंदियों को गायत्री परिवार की ओर से निशुल्क गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिकाएं और पेन उपलब्ध कराए गए हैं।
कैदी नियमित गायत्री मंत्र लेखन जेल शिक्षक के मार्गदर्शन में करेंगे। बंदियों के नियमित स्वाध्याय के लिए कारागार में ज्ञानवर्धक साहित्य से युक्त प्रज्ञा पुस्तकालय की स्थापना भी की गई। जिसमें गायत्री परिवार लखनऊ की सीमा वैश्य ने अलमारी का सहयोग किया। इस दौरान गायत्री शक्तिपीठ के रमाकांत अवस्थी, परिव्राजक राम सुमेर, अवधेश वर्मा, सीमा वैश्य, निधि वर्मा, मीडिया प्रभारी अनुराग मौर्य मौजूद रहे।