सकरन । सरकारी धनराशि के बंदरबाट का मामला सामने आने पर प्रधान व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। मुर्थना में पहले से बने नाले का दोबारा भुगतान करा लिया गया। इतना ही नहीं सोकपिट बनाए बगैर ही उसका भुगतान भी करा दिया गया। इस मामले की जांच में बीडीओ ने 1.96 लाख रुपये का फर्जी भुगतान पकड़ा। इसके आधार पर ही प्रधान व सचिव को नोटिस जारी कर कार्रवाई के घेरे में लाया गया है।
सकरन ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुर्थना में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ था। विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत पर बीडीओ श्रीश कुमार गुप्ता, अवर अभियंता सुभाष चंद्र व ग्राम पंचायत अधिकारी शैलेन्द्र दीक्षित की टीम ने मुर्थना में कराए गए कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर जांच की थी। जांच में सामने आया कि जिस नाले के निर्माण में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,96,300 रुपये का भुगतान दिखाया गया, वह नाला वर्ष 2000 में ही बन चुका था।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2024–25 में सोकपिट निर्माण के नाम पर निकाली गई धनराशि के बावजूद स्थल पर कोई सोकपिट मौजूद नहीं मिला। खंड विकास अधिकारी श्रीश कुमार गुप्ता ने बताया कि गड़बड़ी मिलने पर सचिव उमाकांत व प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।