गर्मियों में इस बार लोगों को बेहतर विद्युत आपूर्ति मिलेगी। पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों ने इसके लिए खाका तैयार किया है। कॉर्पोरेशन ने आठ करोड़ की कार्ययोजना तैयार कर उसेे मंजूरी के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को भेजा है। ताकि इससे गर्मी से पहले विद्युत आपूर्ति में सुधार किया जा सके।
मालूम हो कि वर्तमान समय में जिला मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील को 20 घंटे व गांव को 18 घंटे बिजली रोस्टर है। जिला मुख्यालय पर तो इस समय विद्युत आपूर्ति ठीक है। पर तहसील, ब्लॉक मुख्यालय समेत ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति रोस्टर से एकदम विपरीत है।
हालांकि चुनाव व मौसम में अनुकूलता की वजह से बिजली आपूर्ति रोस्टर के हिसाब से करने का प्रयास तो किया गया, लेकिन तहसील व गांवों में जर्जर लाइनों के कारण संभव नही हो सका। अब प्रदेश का निजाम बदल चुका है। सूबे में योगी राज ने जिला मुख्यालय, तहसील व गांवों को हर हाल में रोस्टर के हिसाब से बिजली मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
इस पर मध्यांचल विद्युत वितरण के एमडी ने जिले से कार्ययोजना मांगी है। इसमें सीतापुर जनपद में फीडरवार बिजली सप्लाई का ब्योरा मांगा गया है। जिससे पता चल सके कि गर्मी में जिले को बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए कितनी बिजली व संसाधनों एवं उपकरणों की जरूरत है।
इस पर सीतापुर जनपद में पावर कॉर्पोरेशन ने गर्मी में विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए तकरीबन आठ करोड़ की कार्य योजना तैयार की है। साथ ही उसे मंजूरी के लिए निगम के एमडी को भेजा है।