सरैंया ( सीतापुर)। जिले में महज दो माह में आलू की फसल तैयार होने से उत्पादकों के चेहरे खिल उठे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चा है कि किसानों को काफी फायदा होने वाला है। कम लागत में आलू की अच्छी पैदावार हो रही है। महज दो माह के भीतर ही आलू तैयार हो गया है।
पहला ब्लॉक के मसूरहिया गांव निवासी किसान सुरेश कुमार ने बताया कि दो बीघा खेत में 17 अक्तूबर को खैराती आलू बोया था। एक बीघा आलू की खेती में करीब छह हजार रुपये का खर्च आया है। करीब दो माह में ही आलू तैयार हो गया है। इसकी अब खुदाई होने लगी है। बताया कि पैदावार काफी अच्छी हुई है। एक बीघा में करीब 20 क्विंटल आलू निकल रहा है। यह करीब 900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मंडी में भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले जब बोते थे तब मार्च में आलू की खुदाई करते थे। उस समय मंडी में 500 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलता था। इसलिए आलू की खैराती किस्म बोने में ज्यादा फायदा मिला है। कम लागत में अच्छा मुनाफा मिलेगा। वहीं, खेत भी जल्द खाली होगा। करीब दो दिन में खेत खाली हो जाएगा। इसके बाद किसान प्याज, लहसुन व गेंहू बो सकेंगे।
एडीओ कृषि पहला राजकुमार ने बताया कि किसान के आलू के खेत को देखा है। किसान ने संतुलित उर्वरक व वैज्ञानिकों की संस्तुतियों के अनुसार समय से खाद-पानी दिया। इसलिए कम लागत में आलू की अच्छी फसल तैयार हुई। जरूरी दवाओं का सही उपयोग किया गया।