सीतापुर (सकरन)। सराफा व्यापारी से दस लाख की लूट के बाद अन्य व्यापारियों में दहशत का माहौल है। दिनदहाड़े हुई लूट के व्यापारी काफी सहमे हुए हैं। दो दिन बाद भी लुटेरों को पकड़ने पुलिस विफल है।
बिसवां के पटना गांव निवासी मोनू की सकरन के महोलिया कलां चौराहे पर हरिओम सराफा व रेडीमेड सेंटर के नाम से दुकान है। वह शनिवार शाम करीब पांच बजे अपनी दुकान को बंद करके घर जा रहे थे। मोनू के पास जेवर से भरा एक बैग था। हसनापुर मोड़ के पास पीछे से एक बाइक पर दो बदमाश आ गए। बदमाशों ने मोनू की आंख में मिर्च झोंक दी। तमंचे के दम पर दस लाख के जेवर से भरा बैग लूट लिया था। पुलिस दो लाख रुपये लूटे जाने की बात कह रही थी। सीओ बिसवां अमन सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर सेमरा, मोहलिया चौराहे आदि जगहों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस विभाग पर सवालिया निशान
घटना के बाद पुलिस ने देर रात पीड़ित को अपने पास ही रखा। रविवार को पीड़ित ने अपनी दुकान खोली, सुरक्षा की दृष्टि से वहां पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हालांकि ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस कितने व्यापारियों को सुरक्षा दे पाएगी। लगातार चाेरी, लूट व डकैती जैसी जघन्य घटनाएं जिले में हो रही हैं। हाल ही में डकैती फिर लूट हो जाना पुलिस विभाग पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।
14 टीमों को लगाया गया, मुखबिर तंत्र फेल
पुलिस ने खुलासे के लिए 14 टीमों को लगाया है। लगातार हो रही घटनाओं से यह प्रतीत हो रहा है कि पुलिस का मुखबिर तंत्र फेल हो चुका है। कुछ दिनों पहले ही जिले का एक बंदी लवकुश जब कचहरी से भागा था, तो उसे पकड़ने के लिए पुलिस को आठ दिन का समय लगा था।