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प्लाईवुड फैक्टरी में लगी आग

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सिधौली (सीतापुर)। कोतवाली इलाके में बाड़ी गांव के पास स्थित एक प्लाईवुड फैक्टरी में शुक्रवार की सुबह अज्ञात कारणों के चलते भीषण आग लग गई। जब तक दमकल टीमों ने पहुंच कर आग पर काबू पाया, करीब 20 लाख रुपये का सामान नष्ट हो गया। एक कर्मचारी जख्मी हो गया। उसको सीएचसी ले जाया गया। घटना के समय कामकाज बंद था। सीओ, दमकल टीम व कोतवाली ने पड़ताल की है।
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शहर कोतवाली इलाके के कजियारा निवासी रियाजुद्दीन की सिधौली कोतवाली क्षेत्र के बाड़ी के निकट अलादादपुर मार्ग पर शांति ग्रुप प्रोजेक्ट के नाम से एक प्लाईवुड फैक्टरी है। इसमें शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। वहां मौजूद चंद कर्मचारियों ने जब तक आग बुझाने की कोशिश की, आग बेकाबू हो गई और देखते ही देखते पूरी फैक्टरी को अपनी चपेट में ले लिया।
आग इतनी भीषण थी कि दूर तक लपटें दिखाई पड़ रही थीं। आग बुझाने व भागदौड़ करते समय फैक्टरी का कर्मचारी अली अहमद वारसी उर्फ प्रेमी जख्मी हो गया। खबर पाकर दमकल टीम मौके पर पहुंची। दमकल टीम करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सकी। आग लगने से करीब 20 लाख के सामान के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
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दमकल की तीन टीमों को आग बुझाने के लिए लगाया गया था। इसकी खबर पाकर मुख्य अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ हेमंत उपाध्याय, कोतवाली प्रभारी उमाकांत दीपक ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।
जिस वक्त प्लाईवुड फैक्टरी में आग लगी, उस वक्त वहां चंद कर्मचारी ही मौजूद थे। बताते हैं कि लपटें काफी ऊंची थीं। उनको काबू करना मुश्किल हो रहा था। सुबह करीब सात बजे जिस वक्त आग लगी थी, फैक्टरी बंद थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक यदि आग कुछ देर यानी आठ बजे के बाद लगती तो फैक्टरी में बड़ी घटना हो सकती थी। दिन में करीब दो सौ मजदूर व कर्मचारी काम करते हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्लाईवुड फैक्ट्ररी में अग्नि निरोधक सिलेंडर और वॉटर टैंक जैसी आग बुझाने की कोई भी व्यवस्था या उपकरण नहीं थे। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कुछ अरसा पूर्व दमकल टीम ने फैक्टरी का निरीक्षण किया था। उस दौरान फैक्टरी मालिक से अग्निशमन उपकरण लगवाने को कहा गया था लेकिन इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। यदि आग बुझाने के कुछ उपकरण होते तो शायद आग इतनी भीषण न हो पाती।
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