मालूम हो कि बीते जून माह में मंडलायुक्त महेश गुप्ता ने नगर पालिका का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने नगर पालिका की परिसंपत्तियों के अभिलेखों को जांचा था। पूछताछ में पाया था कि शहरी क्षेत्रों में काफी समय से परिसंपत्तियों का निर्धारण नहीं किया गया है। इस पर पालिका प्रशासन से रिपोर्ट तलब की गई थी।
रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन को बाकायदा पत्र जारी किया है। पत्र के जरिए उन्होंने निर्देश दिए हैं कि शहरी सीमा क्षेत्र में आने वाले खाली प्लॉटों का सर्वे कराकर उन्हें पालिका प्रशासन के संपत्ति रजिस्टर में दर्ज किया जाए।
यही नहीं इन प्लॉटों की खरीद व बिक्री का लेखा-जोखा भी रखा जाए। मंडलायुक्त ने शहरी क्षेत्र में नए बने मकानों का परीक्षण कर उनका कर निर्धारण करने के निदेश दिए हैं। इस पर अब नगर पालिका इलाके में वार्डवार अभियान चलाया जाएगा। अभियान के जरिए खाली प्लॉटों का चिह्नांकन किया जाएगा।