सीतापुर। मंडलीय प्रतियोगिता में जलवा बिखरने आए खिलाड़ी रात भर ठंड से ठिठुरते रहे। खिड़की में पल्ले न होने की वजह से सर्दीली हवाएं रात भर उनको परेशान करती रही। एक कमरे में तो प्लास्टर छूट रहा था। इससे नौनिहाल की जान पर जोखिम भी बना रहा। सुबह होने पर जब मैदान पर खिलाड़ी पहुंचे तो उन्होंने राहत की सांस ली।
बेसिक शिक्षा विभाग की दो दिवसीय मंडलीय खेलकूद प्रतियोगिता मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में हो रही है। पहले दिन बृहस्पतिवार को मैदान पर पसीना बहाने के बाद जनपद उन्नाव के खिलाड़ियों को मैथाडिस्ट मिशन कन्या गल्र्स हाईस्कूल में ठहराया गया था। शाम छह बजे के करीब यह विद्यालय में पहुंचे। एक कमरे में दो खिड़कियां लगी हुई थी। लेकिन किसी भी खिड़कीमें पल्ले नहीं थे। रात के समय ठंडी हवाएं चल रही थी।
खिड़कियों से ठंडी हवा कमरे के अंदर आ रही थी। खिलाड़ी राजू व संजय ने बताया ठंड बहुत लग रही है। रजाई से ठंड नहीं जा रही है। हवा कमरे के अंदर आ रही है तो रात में सो नहीं पाए। इसी तरह पड़ोस के एक दूसरे में उन्नाव के ही खिलाड़ी रुके हुए थे। इस कमरे की छत जर्जर हो गई थी। प्लास्टर छूट रहा था। जब नौनिहाल सोने के लिए लेटे तो वह छत को ही निहारते रहे। खिलाड़ियों ने कहा डर लग रहा था कि कही प्लास्टर छूटकर ऊपर न आ जाए।