खैराबाद। जिले के कई जरूरतमंद आधार कार्ड न होने के कारण योजनाओं का लाभ हासिल नहीं कर पा रहे हैं। कोई दो वर्ष से परेशान है तो कोई बार-बार रिजेक्ट हो जाने के कारण घूम रहा है। किसी की पीएफ लटक रहा है तो कोई रुपये खर्च करने के बाद भी आधार न बन पाने का मलाल झेल रहा है। आधार कार्ड न होने के कारण बेहद परेशान है। इनका कहना है अगर कस्बे में शिविर लगे और लोगों की समस्या प्रमुखता से दूर की जाए तो शायद भागदौड़ बच जाए। योजनाओं का लाभ मिलने लगे।
तीन बार किया आवेदन नहीं बना आधार
नगर के बाजदारी टोला निवासी बाबूराम बाथम बताते हैं कि पोती अनिका बाथम का आधार कार्ड बनवाने के लिए तीन बार आवेदन किया। रसीद मिल गई, लेकिन आधार कार्ड आज तक नहीं बन सका है। इसके लिए तीन सौ रुपये भी खर्च किए थे।
जन्मतिथि गलत होने से रुक सकता है पीएफ
बाजदारी टोला निवासी शिवानी गुप्ता नगरपालिका में कर्मचारी है। इनके आधार कार्ड में फोटो बचपन की लगी है। साथ ही जन्मतिथि भी गलत लिखी हुई है। यह एक वर्ष से आधार सेंटर के चक्कर लगा रही है। इन्होंने आधार कार्ड को सही कराने के लिए दो बार आवेदन किया। जिसके बदले दो सौ रुपये भी खर्च किए। इसके बावजूद भी आज तक उनका आधार सही नहीं हुआ है। जिसकी वजह से उनकी नौकरी में मिलने वाले पीएफ में समस्या आ रही है।
आधार कार्ड बनाना अधूरा ख्वाब
कमालसरांय निवासी दीनबंधु की उम्र 56 वर्ष है। यह कुम्हार है। मिट्टे के कच्चे बर्तन बनाने का काम करते हैं। इनके लिए आधार कार्ड सपने जैसा है। इनका कहना है कि तीन से चार बार आवेदन कर चुके हैं लेकिन कोई न कोई समस्या के चलते यह बन नहीं पा रहा है। इससे कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं।
रुपये खर्च के बाद भी नहीं सुधरे हालात
कमालसरांय निवासी धर्मेंद्र राजगीर है। इनका कहना है कि आधार बनवाने के लिए दो वर्षो से घूम रहा हूं। इन्होंने आधार बनवाने के लिए पहले तीन सौ और दूसरी बार पांच सौ रुपये दिए। इसकी रसीद भी नहीं मिली। अब यह काफी परेशान हो चुके है। यह कई योजनाओंं में आवेदन किया लेकिन आधारकार्ड न होने की वजह से लाभ हासिल नहीं कर पाएं।