अपनी चाल व करतब से लोगों को रोमांचित करने वाले पीटर व विक्रांत रिटायर हो गए। विजयलक्ष्मी की रफ्तार का जादू भी अब लोग नहीं देख पाएंगे। दरअसल, सीतापुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी) के अस्तबल में इन दिनों अपनी उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंचे ये तीनों घोड़े पुलिस सेवा से रिटायर हो चुके हैं।
कई प्रतियोगिताओं में अपनी रफ्तार से इन्होंने दर्जनों अवार्ड भी हासिल किए हैं। इन स्टार घोड़ों की नीलामी से पीटीसी के कर्मचारियों में मायूसी है। सीतापुर पीटीसी के पुलिस अस्तबल में अपनी ऊंची छलांग व रफ्तार के लिए पहचानी जाने वाली घोड़ी विजयलक्ष्मी और घोड़ा विक्रांत को जून 1997 में करीब 65-65 हजार रुपये में खरीद कर लाया गया था।
तब इनकी उम्र करीब पांच साल थी। ट्रेनिंग से लेकर वीआईपी ड्यूटी तक विजयलक्ष्मी व विक्रांत का खूब इस्तेमाल किया गया। इनकी रफ्तार का जादू देख कई पुलिस अफसरों ने इनकी सवारी कीं। इन दोनों को मुरादाबाद में हुई प्रतियोगिता में कई बार भेजा गया।
अपने करतब से इन दोनों ने जिले का नाम रोशन किया और ढेरों इनाम भी जीते। विजयलक्ष्मी अपनी ऊंची जंप के लिए पहचानी जाती है। 2008 में पीटर को भी छह साल की उम्र में खरीद कर लाया गया था। पीटर भी अपनी तेज और मतवाली चाल के लिए पहचान रखता है, लेकिन अब इन तीनों को बेचने की तैयारी है।
दरअसल, जांच में इनकी ढलती उम्र के कारण नीलाम करने की प्रक्रिया चल रही है। लक्ष्मी अब बुढ़ापे के कारण मैदान में रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। विक्रांत भी कदमताल करने में थक जाता है। पीटर भी सवार को लेकर फर्राटा नहीं भर पा रहा है। विभागीय प्रक्रिया के तहत अब इन्हें रिटायर्ड घोषित कर दिया गया है। इसके बाद इन्हें नीलाम किया जाएगा। हालांकि नीलामी की तारीख पर अभी मुहर नहीं लग पाई है।