प्रदेश में क्रूड ऑयल पर प्रवेश कर की वापसी समेत कई मुद्दों को लेकर पेट्रोल पंपों पर हड़ताल रही। मंगलवार सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक जिले के सभी पेट्रोल पंप बंद रहे।
इस दौरान पेट्रोल व डीजल न मिलने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पेट्रोल पंप खुलने के बाद भी ईंधन भराने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस वजह से देर शाम तक गहमागहमी बनी रही।
प्रदेश में क्रूड ऑयल पर प्रवेश कर की वापसी और फिक्स वैट व्यवस्था खत्म करने समेत चार सूत्रीय मांगो को यूपी पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन द्वारा प्रदेश भर में 28 जुलाई की सुबह 6 बजे से 12 बजे तक पेट्रोल पंप बंद रखने का निर्णय लिया गया था।
पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार तय तारीख व समय पर जिले के पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए। मंगलवार की सुबह पेट्रोल पंपो पर ताले लटकते देख वहां पहुंचने वाले वाहन स्वामी डीजल व पेट्रोल न मिलने पर बैरंग वापस लौट गए।
कई लोग जरूरी काम से तो कई इमरजेंसी में घर से निकले थे। पेट्रोल पंप बंदी से उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ी। इमरजेंसी होने की वजह से कुछ लोग निजी वाहनों के बजाय रोडवेज बस अथवा ट्रेन से गतंव्य की ओर रवाना हुए।
जबकि कई लोगों ने ईंधन न मिलने पर अपना प्रेेग्राम कैंसिल कर दिया। उधर दिन चढ़ने के साथ ही पंपो पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।
सबसे ज्यादा बाइकों की भीड़ जमा हो गई। लोग छह घंटे की इस बंदी के दौरान 12 बजने का इंतजार करते रहे। पेट्रोल खुलने पर वाहन में ईंधन भरवाने की होड़ मच गई।
जिससे काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष फरहत बेग सनी ने बताया कि बंदी पूरी तरह सफल रही है।