रामपुर मथुरा (सीतापुर)। अब सैलाब में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए एयर लिफ्टिंग की तैयारी की गई है। इसके लिए हेलीपैड चिन्हित कर लिया गया है।
बैराजों से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर सरयू नदी उफनाती है तो तलहटी में बसे एक सैकड़ा गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। गांजर के लोगों की बाढ़ नियति बन गई है। हर साल बरसात में ये दुश्वारी पेश आती है। बाढ़ आने पर हफ्तों तक सैकड़ों लोग सैलाब के बीच फंस जाते हैं। इन्हें भोजन व पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार नाव के अभाव में बीमार होने पर मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं।
बाढ़ में राहत व बचाव को लेकर प्रशासन की ओर से यह समस्या गंभीरता से लेते हुए एयरलिफ्टिंग का प्लान तैयार किया गया है। अगर बाढ़ में हालात बिगड़ते हैं तो प्रशासन एयर लिफ्टिंग की योजना पर काम करेगा। इसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ अथवा सेना की मदद प्रशासन लेगा। बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट कर सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाया जाएगा, ताकि जानमाल के नुकसान को रोका जा सके। महमूदाबाद तहसील प्रशासन की ओर से एयरलिफ्टिंग को लेकर हेलीपैड के लिए रामपुर मथुरा के मेला मैदान में जगह चिन्हित कर ली गई है।
एयरलिफ्ट के लिए हेलीपैड चिन्हित
बाढ़ के समय हालात बिगड़ने पर किसी पीड़ित को एयरलिफ्ट कर निकालने की योजना बनाई गई है। हेलीपैड के लिए रामपुर मथुरा स्थित मेला मैदान को चिन्हित किया गया है। जिन लोगों को एयरलिफ्ट किया जाएगा उन्हें आवश्यकतानुसार सुरक्षित ठिकानों अथवा लखनऊ भेजा जाएगा। हेलीकॉप्टर की व्यवस्था एनडीआरएफ व एसडीआरएफ करेगी। हालांकि अभी तक बाढ़ के दौरान इसकी जरूरत नहीं पड़ी है।
- बालकृष्ण सिंह, एसडीएम महमूदाबाद