छठ पूजा के दूसरे दिन महिलाओं ने खरना व्रत रखा। घरों पर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने के साथ भगवान को खीर-पूड़ी व मौसमी फलों का भोग लगाया। शाम को नदी, नहर, तालाब के तटों पर पूजन किया। घाटों पर बेदी बनाने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। रविवार को ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
छठ को लेकर बाजारों में महिलाओं ने पूजन सामग्री खरीदी, जिससे बाजारों में रौनक रही। शहर में मुख्य रूप से 11वीं वाहिनी, 27वीं वाहिनी पीएसी के तालाब पर छठ पूजा की रौनक नजर आई। गोल्फ ग्राउंड में स्थित तालाब पर श्रद्धालु पहुंचे, जहां पर पूजन किया गया।
शाम के समय देवी-देवताओं को खीर-पूड़ी का भोग लगाया गया। छठ पूजा का पर्व परिवार में सुख-समृद्धि, शांति, वैभव और अपनी संतानों की उन्नति के लिए किया जाता है। अपने पाल्यों की समृद्धि और मंगलकामना के लिए होने वाली इस पूजा में पवित्रता का विशेष ख्याल रखा जाता है।
उगते सूरज और ढलते सूरज को अर्घ्य देने के साथ ही यह पूजा संपन्न होती है। विभिन्न घाटों पर रविवार को ढलते हुए सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा। अगले दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ को लेकर बाजारों में उत्साह का माहौल है।