ब्रह्मलीन पीठाधीश्वर देवेंद्रानंद सरस्वती।
नैमिषारण्य (सीतापुर)। नैमिषारण्य तीर्थ स्थित नारदानंद आश्रम के पीठाधीश्वर देवेंद्रानंद सरस्वती (82) शुक्रवार को ब्रह्मलीन हो गए। उनके निधन से साधु-संतों में शोक की लहर दौड़ गई।
श्री मज्जगदाचार्य देवेंद्रानंद सरस्वती तीर्थ के सबसे प्राचीन आश्रम के चौथे जगदाचार्य थे। वह प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में कल्पवास कर रहे थे। तबीयत बिगड़ने पर नैमिषारण्य स्थित निवास पर आ गए थे। शौनक कुटी पर आचार्य शिव नारायण दीक्षित के निर्देशन में उनके शिष्य शिव किशोर ब्रह्मचारी ने अंतिम संस्कार किया।
स्वामी के सुपुत्र दीपक पांडेय, भाई नरेंद्र प्रताप पांडेय, महामंडलेश्वर विद्यानंद सरस्वती, 84 कोसी परिक्रमा के अध्यक्ष नारायण दास, महंत संतोष दास खाकी, महंत बजरंग मुनी, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मुनींद्र अवस्थी, चक्रतीर्थ प्रमुख पुजारी राज नारायण पांडेय आदि मौजूद रहे।
संत आचार्य विद्या सागर का प्रथम समाधि दिवस मनाया
सीतापुर। महमूदाबाद क्षेत्र में स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर में शुक्रवार को दिगंबर जैन संत आचार्य विद्या सागर महाराज का प्रथम समाधि दिवस मनाया गया। इस दौरान जैन धर्मावलंबियों ने पूजन अर्चन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले आचार्य विद्या सागर महाराज के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। महिलाओं ने आरती और पूजन कर आचार्य श्री को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जैन धर्म के प्रचार प्रसार, गो सेवा, खादी उत्थान आदि के क्षेत्र में आचार्य के कार्याें को याद किया गया। इस दौरान जैन समाज अध्यक्ष अनुज जैन, अल्का जैन आदि उपस्थित रहे।