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Sitapur News: धोखाधड़ी कर दो फर्मों को होने वाला भुगतान रोका

Fri, 12 Sep 2025 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। धोखाधड़ी कर मिश्रिख ब्लॉक में काली सूची में डाली गई दो फर्मों को किया जाने वाला करोड़ों का भुगतान रोक दिया गया है। शुक्रवार को इन फर्माें के भुगतान की तैयारी थी। तभी सांसद राकेश राठौर को इसकी भनक लग गई। उन्होंने 11 सितंबर को जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के निर्देश दिए हैं। डीसी मनरेगा चंदन देव पांडेय ने बीडीओ मिश्रिख को पत्र जारी कर भुगतान पर रोक लगाने के साथ ही गहनता से जांच के निर्देश दिए हैं।
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मिश्रिख ब्लॉक में वर्ष 2022-23 में सगे संबंधियों की फर्म के माध्यम से नियमों का उल्लंघन कर विकास कार्य कराए गए। इसका खुलासा होने पर तत्कालीन सीडीओ अक्षत वर्मा ने फर्मों को काली सूची में डाल दिया था। साथ ही भुगतान पर भी रोक लगा दी थी। अब एक बार फिर इन फर्मों के रुके हुए भुगतान कोे कूटरचित ढंग से कराने की साजिश रची गई। सांसद राकेश राठौर ने बताया कि मिश्रिख में गजानन कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स, वीरा कांट्रैक्ट सप्लायर्स, नंदन कांट्रैक्टर एंड सप्लायर्स को अनुचित ढंग से लाभ पहुंचाया गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद इन फर्माें के भुगतान पर रोक लगा दी गई। साथ ही इन्हें काली सूची में डाल दिया गया था लेकिन इन फर्माें के बिल वाउचरों को कूटरचित ढंग से डिलीट करवाया गया। साजिश के तहत इन बिल वाउचरों को मेसर्स यूपी पंचायत एंड कंस्ट्रक्शन व बाबा यादव दास कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स नाम से नई फर्म बनाकर दोबारा बिल फीड कराया गया। इसके बाद करोड़ों रुपये के भुगतान का प्रयास किया गया। इसमें यूपी पंचायत एंड कंस्ट्रक्शन के माध्यम से डेढ़ करोड़ व बाबा यादव दास कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स के माध्यम से 2.11 करोड़ रुपये के भुगतान का प्रयास किया गया।

भुगतान पर रोक, जांच शुरू
मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्काल इन फर्माें के भुगतान रोके गए हैं। बीडीओ मिश्रिख को गहनता से सभी तथ्यों की जांच के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार से गलत भुगतान नहीं होने दिया जाएगा। जहां तक बिल वाउचर के डिलीट होने का प्रश्न है, उसका अधिकारी प्रदेश स्तर पर है। फिर भी इसकी जांच कराई जा रही है।
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-चंदन देव पांडेय, डीसी मनरेगा
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