सीतापुर। मछरेहटा ब्लाॅक की ग्राम पंचायत धवरपारा में मनरेगा का फर्जी भुगतान करने का मामला पकड़ा गया है। बिना काम कराए ही बिल फीड किए गए और बिना आदेश के नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर (एनएमएमएस) पर प्रधान को पंजीकृत किया गया। फर्जी हाजिरी लगाकर तकरीबन दो लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इसमें एपीओ की संलिप्तता उजागर हुई है। बीडीओ ने एपीओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
गौरतलब है कि बीडीओ मछरेहटा प्रवीणजीत ने मनरेगा के तहत भुगतान के लिए फीड कराए गए कार्यों का अगस्त के आखिरी सप्ताह में स्थलीय निरीक्षण किया था। इसमें पता चला कि अधिकांश कार्य स्थल पर फीडिंग धनराशि के अनुरूप नहीं है। इसका उल्लेख करते हुए एपीओ अर्चना सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें कहा है कि फीडिंग से पूर्व एपीओ द्वारा कार्यों का स्थलीय सत्यापन करना चाहिए।
बिना सत्यापन के कार्यों की फीडिंग कराने के कारण भुगतान के समय असमंजस की स्थिति बनी। जबकि पूर्व में कई बार कार्यों को सत्यापन के बाद फीडिंग कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी बिना सत्यापन व परीक्षण के भुगतान के लिए फीडिंग क्यों और किन परिस्थितियों में कराई गई, इसके संबंध में स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं।
जानकार सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत धवरपारा में सुंदर के खेत से गांव तक मिट्टी पटाई कार्य में एमबी आधी होने के बाद भी पूरा भुगतान किया गया। इससे बिना कार्य के ही भुगतान हो जाता है। गौरतलब है कि योजना में गड़बड़ी किए जाने के कारण पूर्व में सीडीओ की ओर से भी जवाब तलब किया गया था। इसके बावजूद एपीओ फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आ रही हैं। फिलहाल बीडीओ इस मामले की जांच कर रहे हैं।