सीतापुर। दीपावली और भाईदूज पर्व को लेकर इस बार लोगों को घर पहुंचने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। परिवहन विभाग ने दिल्ली रूट के साथ ही अन्य रूटों की बसों के चक्करों को बढ़ा दिया है। जिसमें लखनऊ, लखीमपुर हरदोई और बहराइच रूट की बसें शामिल हैं। यह संचालन धनतेरस से शुुरू हो जाएगा।
परिवहन निगम के पास मौजूदा समय में 101 निगम की बसें हैं। इसके साथ ही 69 बसें अनुबंधित हैं। जो कि कई रूटों पर चलती हैं। वर्तमान समय में दिल्ली रूट पर जाने के लिए कुल 22 बसें हैं। यह शाहजहांपुर, बरेली होती हुई दिल्ली जाती हैं। यह बसें पहले 22 फेरे लगाती थीं। जिनके फेरे बढ़ा कर 34 कर दिए गए हैं। अब वह 12 फेरे अतिरिक्त लगाएंगी। लंबे सफर में चालक को समस्या न हो इसलिए एक बस पर दो चालक नियुक्त किए जाएंगे। ताकि उनको बस चलाने में दिक्कत न हो।
एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि दिल्ली रूट की बसों पर अधिक ध्यान धनतेेरस पर इसलिए दिया गया है क्योंकि जिले के कई लोग दिल्ली से वापस आते हैं। वह समय रहते ही अपने घर पहुंच जाएं। इसलिए इसको लेकर बसों के फेरों को बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही भाईदूज को लेकर लखनऊ, लखीमपुर हरदोई और बहराइच रूट पर बसों के फेरों को सवारियों के हिसाब से बढ़ाया जाएगा। अनुबंधित बसें हों या निगम की, किसी भी रूट की बस खाली खड़ी नहीं रहेगी। उसको लगातार गतिमान रखा जाएगा।
मेहनत करने वाले चालकों को मिलेगा पुरस्कार
एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि 22 से 31 अक्तूबर (10 दिन) तक जो भी चालक प्रतिदिन लगातार 300 किलोमीटर बस चलाएगा, उसको चार हजार रुपये का पुरस्कार प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा। इस योजना में अगर कोई चालक नौ दिन तक लगातार बस चलाएगा तो उसे 3150 रुपये दिया जाएगा। यदि कोई चालक 300 किलोमीटर से अधिक बस चलाता है तो उसे साढे़ पांच पैसे प्रति किलो मीटर की दर से अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।
वर्कशॉप पर काम करने वाले भी होंगे पुरस्कृत
वर्कशॉप पर लगा कर्मचारी अगर 10 दिन लगातार बिना किसी छुट्टी के काम करेगा तो उसको 1200 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं नौ दिन तक काम करने वाले कर्मचारियों को एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।