सीतापुर। सड़क से लेकर घरों तक पानी भरा है। चारों ओर सरायन की बाढ़ का पानी दिखाई दे रहा है, लेकिन बाढ़ से घिरे लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है। लोगों को 300 मीटर से लेकर आधा किलोमीटर तक की दूरी तय कर पानी लाना पड़ रहा है।
मूसलाधार बारिश से सरायन नदी का जलस्तर रविवार को 60 सेंटीमीटर बढ़कर 133 मीटर पहुंच गया। खतरे के निशान 131 मीटर से नदी दो मीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी तरीनपुर, दुर्गापुरवा, कमेला, सलेमपुर अली रजा और अंसारी टोला समेत करीब नौ मोहल्लों के बड़े हिस्से में भर गया है। बाढ़ पीड़ितों के अनुसार करीब 100 घरों में पानी पहुंच गया है। कई परिवारों ने गृहस्थी छतों पर रख दी है, जबकि कुछ लोग सामान रिश्तेदारों के यहां पहुंचा रहे हैं।
सड़कों पर दो से तीन फीट पानी भरने से आवागमन भी प्रभावित है। कमेला निवासी अशफाक ने बताया कि भारी बारिश के कारण चार दिन से बिजली नहीं आई है। घर में बाढ़ का पानी भरा है, लेकिन पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा। रेशमा ने बताया कि घर में पानी भरने पर गृहस्थी छत पर पहुंचाई है। बिजली नहीं होने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
शेरू, महीस, सरफराज, रईस और जमाल ने बताया कि घरों में पानी भरने से 100 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। कई सौ परिवारों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। लोगों का कहना है कि अब तक कोई जनप्रतिनिधि हाल जानने नहीं आया। एसडीएम सदर ने प्रभावित लोगों से आश्रय स्थलों में जाने की अपील की है।
केशव ग्रीन सिटी लबालब, घर छोड़ने को मजबूर
नेशनल हाईवे बाईपास किनारे स्थित केशव ग्रीन सिटी में करीब तीन फीट पानी भर गया है। कई घरों में पानी पहुंचने पर लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। कई लोगों की बाइक और स्कूटी पानी के बहाव में बह गईं। रविवार को लोग अपने वाहन तलाशते नजर आए। कॉलोनीवासियों ने बताया कि पहली बार ऐसे हालात बने हैं।
पांच आश्रय स्थल बनाए गए
बाढ़ पीड़ितों के लिए शहर में पांच आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इनमें 100 से अधिक लोग शरण लिए हैं। उन्हें दोनों समय भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से आश्रय स्थलों में जाने की अपील की जा रही है। रविवार को बारिश थम गई है। जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. जर्नादन, एसडीएम सदर
सरायन का पानी