संदना। मिश्रिख रेंज में बाघिन और तेंदुआ की चहलकदमी लगातार बनी है। करीब तीन महीने से बाघिन जबकि एक माह से तेंदुआ ने इलाके में डेरा डाल रखा है। मंगलवार को रसुलवा गांव के पास खेतों में बाघिन और खेवटा जंगल के करीब तेंदुआ के ताजा पग चिन्ह मिलने से इलाके के ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है।
सूरजपुर-गोमिदापुर मार्ग पर दो दिन पहले ग्रामीणों को तेंदुआ दिखाई दिया था। इससे पहले कई बार तेंदुआ और बाघिन को देखा जा चुका है। अलग-अलग स्थानों पर इनके पग चिन्ह भी पाए गए। इसके बाद भी वन विभाग की टीमें इन वन्यजीवों को पकड़ में सफल नहीं हो पा रही हैं। मंगलवार को फिर खेवटा जंगल के पास तेंदुए के ताजा पग चिन्ह मिले हैं। सूरजपुर-गोमिदापुर और खेवटा के जंगल के बीच करीब सात से आठ किलोमीटर की दूरी बताई जा रही है। ऐसे में सवाल है कि क्या एक ही तेंदुआ अलग-अलग स्थानों पर विचरण कर रहा है या क्षेत्र में एक से अधिक तेंदुए सक्रिय हैं।
वहीं, बाघिन के ताजा पग चिन्ह रसुलवा गांव के पास खेत में पाए गए हैं। वन विभाग की टीम ने दिन भर खेतों से लेकर जंगल तक कॉम्बिंग करते हुए खाक छानी, पर किसी भी वन्यजीव का सुराग नहीं मिला। फारेस्टर अनिल यादव ने बताया कि खेवटा जंगल के पास तेंदुए व रसुलवा में घटनास्थल के आसपास बाघिन के ताजा पग चिन्ह मिले हैं। वन विभाग की टीमें कॉम्बिंग करते हुए इनकी तलाश में जुटी है।