आरती उतारते विधायक व अन्य अतिथि।
मिश्रिख। 84 कोसी परिक्रमा के तहत पंचकोसीय पड़ाव पर लगने वाले मेले का शुक्रवार को प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने पूजन-अर्चन के बाद फीता काटकर शुभारंभ किया। इसके साथ ही सनातन आस्था से जुड़ी पंचकोसीय यात्रा शंखनाद व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हो गई। बैंडबाजों पर बजते भजनों की धुन के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस परिक्रमा में हिस्सेदारी के लिए शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने सीताकुंड के समीप कार्यक्रम स्थल पर नैमिषारण्य तीर्थ का गुणगान किया। कहा कि तीर्थों के विकास के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। कुछ वर्षों पहले नैमिषारण्य काफी उपेक्षित तीर्थ हुआ करता था। अब प्रदेश सरकार ने नैमिषारण्य को कॉरिडोर योजना से जोड़कर बेहतर तीर्थस्थल बनाने का प्रयास किया है। स्थानीय विधायक राम कृष्ण भार्गव ने कहा कि दानवों के संहार के लिए महर्षि दधीचि ने अपनी अस्थियों का दान इसी पवित्र जगह पर किया था। इसी लिए नैमिष को ऋषियों मुनियों की धरती माना जाता है।
जिलाधिकारी डॉ राजा गणपति आर ने कहा कि यह मेला परंपरा, संस्कृति और सनातन आस्था का केंद्र है। मेले में श्रद्धालुओं को मिलने वाली सभी सुविधाओं का जिला प्रशासन के स्तर से विशेष तौर पर ध्यान रखा जा रहा है। कार्यक्रम में एसडीएम अभिनव यादव, मेला प्रभारी जनार्दन मिश्रा, सीओ विशाल गुप्ता, मिश्रिख नगर पालिका अध्यक्ष सीमा भार्गव, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, मेला सुरक्षा प्रभारी संतोष उपाध्याय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।