गोंदलामऊ। ऑनलाइन उपस्थिति और मूल विभागीय कार्यों के साथ अन्य दायित्वों के विरोध में पंचायत सचिवों ने सोमवार से सांकेतिक सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया। सचिवों ने काली पट्टी बांधकर अपना आक्रोश दर्ज कराया।
ब्लॉक समन्वय अध्यक्ष रमाकांत ने बताया कि शासन द्वारा बिना अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए सचिवों को ऑनलाइन उपस्थिति सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसमें उन्हें अपने निजी मोबाइल और सिम का उपयोग करना पड़ेगा। यह व्यवस्था क्षेत्रीय कार्य की प्रकृति के विपरीत होने के कारण पूरे प्रदेश के सचिवों में रोष है। सचिव पहले से ही अपने मूल कार्यों के साथ-साथ कई गैर-विभागीय कार्यों के अत्यधिक बोझ से जूझ रहे हैं।
इनमें फार्मर रजिस्ट्री, एग्रो सर्वे, गोशाला प्रबंधन, आयुष्मान कार्ड, फैमिली आईडी, विभिन्न पेंशनों का सत्यापन, शिक्षा विभाग के कायाकल्प कार्यक्रम, बोर्ड परीक्षा ड्यूटी, भूसा प्रबंधन, सोलर पैनल लक्ष्य और पराली प्रबंधन जैसे कार्य शामिल हैं। बढ़ते दबाव के कारण कर्मचारी मानसिक तनाव और दुर्घटनाओं का सामना कर रहे हैं। बताया कि संगठन के केंद्रीय नेतृत्व ने सचिवों की परेशानियों को देखते हुए एक से चार दिसंबर तक काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध करने का निर्णय लिया है। इसके बाद पांच दिसंबर को प्रदेश के सभी 826 विकास खंडों में सचिव एक दिवसीय सत्याग्रह कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।
इसके बाद भी उनकी न्यायोचित मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन के अगले चरण में 10 दिसंबर से सचिव अपने निजी वाहनों का उपयोग सरकारी कार्यों में नहीं करेंगे। इसके अतिरिक्त 15 दिसंबर को सभी सचिव अपने डोंगल विकास खंड कार्यालयों में जमा कर देंगे। इस दौरान आशुतोष पांडेय, जीतेंद्र कुमार, संजय कुमार, हरिदासी राना, विवेक सिंह, श्यामजी साहू, हरेन्द्र कुमार मौजूद रहे।
केबी मिश्रा