फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायत सदस्य के 3025 पद खाली

Tue, 15 Dec 2015 11:57 PM IST
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
 प्रधानी की जंग जीतने के बाद नवनिर्वाचित प्रधानों के सामने अब ग्राम पंचायतों के कामकाज के संचालन में अहम भूमिका निभाने वाली समितियों के गठन की चुनौती है। नवनिर्वाचित प्रधानों का जोर समितियों में ज्यादा से ज्यादा मन-माफिक सदस्य शामिल करने पर रहेगा। इस बार समितियों का गठन ग्राम पंचायतों की पहली बैठक में ही करना होगा। सरकार इस बार कार्यकाल में समानता लाने के मकसद से सभी ग्राम पंचायतों की पहली बैठक एक साथ बुलाने की योजना बना रही है। पहली बैठक की संभावित तारीख 26 दिसंबर हो सकती है। ऐसी दशा में उन ग्राम पंचायतों के प्रधानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जहां दो तिहाई सदस्यों का निर्वाचन नहीं हो सका है। प्रशासन ऐसी ग्राम पंचायतों का आंकड़ा जुटाने में लग गया है। जिले की 1600 ग्राम पंचायतों में 20,228 सदस्यों के पद सृजित हैं। इनके सापेक्ष 11235 सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। जबकि 5933 पदों पर चुनाव कराया गया। निर्वाचन प्रक्रिया के बाद भी 3025 सदस्यों के पद खाली रह गए हैं।
विज्ञापन


 जिले की 1600 ग्राम पंचायतों में से 1596 ग्राम पंचायतों में प्रधानों का निर्वाचन हो चुका है। नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि शपथ के बाद ग्राम पंचायतों की कमान संभाल लेंगे। पंचायतीराज ने शपथ ग्रहण की संभावित तारीख 20 दिसंबर तय की है। शपथ ग्रहण के बाद 18 दिसंबर को पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी की जाएगी। गठन की अधिसूचना उन्हीं ग्राम पंचायतों की जारी होगी, जिनमें प्रधान और दो तिहाई सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं।

सदस्य ग्राम पंचायतों के रिक्त 3025 पद जिले की करीब आधा सैकड़ा ग्राम पंचायतों के गठन में रुकावट बन गए हैं। इन ग्राम पंचायतों का कोरम पूरा करने के लिए उपचुनाव कराए जाएंगे। उप चुनाव तक इन पंचायतों को अधिसूचित होने का इंतजार करना होगा। समितियों में भी ग्राम पंचायत सदस्य ही शामिल होते हैं और ग्राम पंचायतों के कामकाज का संचालन समितियों के माध्यम से होता है। इस लिहाज से अधूरे कोरम वाली ग्राम पंचायतों के प्रधान अपने मन-माफिक सदस्यों को जिताने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें