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पंचायत निधि के खातों से धन निकासी पर रोक

Thu, 13 Aug 2015 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
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ग्राम प्रधानी का कार्यकाल अंतिम दौर में है। प्रधानों की मंशा है कि अंतिम दौर में सरकारी खजानों को विकास कार्यों पर खपा दिया जाए मगर वह उसे खर्च नहीं कर पाए रहे हैं।
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वजह, प्रशासन ने उनके खातों से लेनदेन पर रोक लगा दी है। हालांकि जिम्मेदारों का तर्क है कि सरकारी धन का दुरुपयोग न होने पाए, इसलिए ऐसा किया गया है। ग्राम पंचायत के खातों पर रोक लगने से प्रधानों की बेचैनी बढ़ गई है।

जिले के 19 विकास खंड क्षेत्र में 1329 ग्रामसभाएं पड़ती हैं। इन ग्राम सभाओं के राजवित्त खातों में करोड़ों रुपया पड़ा हुआ है। किसी ग्रामसभा के खाते में दस लाख, किसी में चालीस लाख पड़े हुए हैं।
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जबकि प्रधानी का कार्यकाल समाप्ति की ओर आ गया है। बस एक से डेढ़ माह का कार्यकाल बचा हुआ है। ऐसे में प्रधान सरकारी खाते में पड़ी धनराशि को विकास कार्यों पर खर्च करने का जुगाड़ बना रहे हैं।

प्रधान हैरान तो तब रह गए, जब वे पैसा निकालने को बैंक पहुंचे।तो अफसरों ने बताया कि प्रशासन ने खातों पर रोक लगा दी है। अब अग्रिम आदेशों के बाद ही प्रधान ग्रामसभा के सरकारी खाते से पैसा निकाल सकते हैं।

नाम न छापने की शर्त पर प्रधानों ने बताया कि रुपया रुकने से विकास कार्य ठप्प पड़े गए हैं। कहीं खड़ंजा, कहीं नाली निर्माण, कहीं कच्चा मार्ग दुरुस्त करने का काम रुक गया है।

अंतिम दौर चल रहा था, सोचा कि अधूरे विकास कार्यों को पूरा करा लेंगे मगर इस रोक से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उधर, प्रशासनिक अधिकारियों का तर्क है कि वर्ष 2015-2016 का नया बजट आया है। ऐसे में नई कार्ययोजना की जरूरत है। धन का दुरुपयोग न होने पाए, इसलिए निर्देश दिए गए हैं कि प्रधान गांव में विकास कार्यों की कार्ययोजना बनाएं। जिसके बाद फाइल को अनुमोदन के लिए अधिकारियों के पास भेजे। संबंधित अधिकारी ये देखेंगे कि किस काम पर कितने रुपये का बजट खर्च हो रहा है।
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