मिश्रिख। तहसील में हुए धरना प्रदर्शन के मामले में चार सौ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने पर लोगों का गुस्सा फूटा। बुधवार को किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले गड़रिया समाज के लोगों ने कल्ली चौराहा पर जाम लगाया। नाराज लोगों ने पैदल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलने व आत्मदाह की चेतावनी भी दी।
मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी बमुश्किल मोर्चा के जिलाध्यक्ष अजय पाल को बातचीत के लिए कोतवाली लेकर आई। वहां एसडीएम दीपक कुमार गुप्ता व सीओ विशाल गुप्ता ने जिलाध्यक्ष से उनकी मांगों के लेकर करीब चार घंटे तक बातचीत की। इसके बाद स्थिति को संभाला जा सका।
एसडीएम दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि मोर्चा के जिलाध्यक्ष को बताया गया कि धारा 163 लागू होने के कारण धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। लगातार धरना-प्रदर्शन से तहसील का काम बाधित होता है। जिलाध्यक्ष ने लिखित तौर पर बताया कि आचार संहिता लागू रहने तक गड़रिया समाज के लोग कोई धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की तरफ से एक टीम गठित की गई है, जिसमें गड़रिया समाज के 10 प्रमुख लोग की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारी लंबित मांगों के समाधान पर बातचीत कर सहमति बनाने का प्रयास करेंगे। इस दौरान कोई धरना प्रदर्शन नहीं होगा। सीओ विशाल गुप्ता ने बताया कि फिलहाल आरोपियों के खिलाफप्राथमिकी वापस नहीं ली गई है।