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Sitapur News: 70 गाैशालाओं में बन रही जैविक खाद

Sat, 22 Jul 2023 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। 70 गाैशालाओं में जैविक खाद बनाने का कार्य शुरू किया गया है। इसके प्रयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ने के साथ ही अच्छी पैदावार होगी। खाद बनाने का किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है जिससे वह स्वयं इसका उत्पादन कर सकें। खाद किसानों का उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बदले वह स्वेच्छा से गाैशाला को भूसा, पुआल आदि चारा उपलब्ध करा सकते हैं। इससे गोंवशों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। कृषि विभाग सभी गाैशालाओं में इसका विस्तार करेगा।
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रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव से किसानों की रूचि जैविक खाद के प्रयोग में बढ़ रही है। इससे उनकी जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ने के साथ ही पैदा होने वाले अनाज स्वादिष्ट होगा। कृषि व पशुपालन विभाग इसके लिए गोशालाओं में जैविक खाद बनाने को प्राथमिकता दे रहा है। कृषि विभाग ने सभी गोशालाओं में जैविक खाद बनवाने की कार्य योजना बनाई है। प्रथम चरण में 70 गोशालाओं में जैविक खाद बनाई जा रही है। इससे गोशाला संचालन में आसानी होगी।


14 हजार लीटर जीवामृत तैयार
डीएम अनुज सिंह की पहल पर कृषि विभाग ने गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और गोआश्रय स्थलों के साथ किसानों के हित में योजना की शुरुआत की गई है। पहले चरण में 70 गाैशालाओं में जैविक खाद बनाई जा रही है। तकनीकी मार्गदर्शन करने वाले हरद्वारी लाल ने बताया 14 हजार लीटर जीवामृत तैयार किया गया है। एक सप्ताह में एक बार में दो सौ लीटर जीवामृत तैयार होता है। वहीं, घन जीवामृत और बीजामृत 48 घंटे में तैयार होता है। जीवामृत बनाने के लिए पानी, देशी गाय का गोबर, गोमूत्र, गुड़ और बेसन की आवश्यकता होती। बुआई के समय बीजामृत तैयार किया जाएगा।
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ग्राम पंचायतें कर रहीं सहयोग
जिन गाैशालाओं में जैविक खाद बनाई जा रही है, संबंधित ग्राम पंचायतें इसमें सहयोग कर रही हैं। उनकी और से इसमे प्रयोग होनी सामग्री जैसे ड्रम, मग, बाल्टी, गुड़, बेसन, चूना आदि उपलब्ध कराया जाता है।

गाैशालाओं के आसपास के किसानों को गाैशाला से जोड़ने के लिए जैविक खाद बनाई जा रही है। साथ ही उसका प्रयोग अपनी खेती में करें, जिससे गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिले।
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डा. एसके सिंह
उप कृषि निदेशक
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