सीतापुर। जिले में बड़ी संख्या में अधिवक्ता बगैर नवीनीकरण के नोटरी का काम कर रहे हैं। कोषागार में सांठगांठ कर नोटरी टिकट भी हासिल कर लेते हैं। इस मामले की शिकायत का संज्ञान लेकर शासन की ओर से जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, नोटरी किसी दस्तावेज को प्रमाणित करने के लिए कराई जाती है। शासन की ओर से कुछ अधिवक्ताओं को नोटरी के लिए अधिकृत किया जाता है। समय-समय पर इनका नवीनीकरण भी होता है।
नोटरी वकील अचल संपति, लेन-देन समेत कई प्रकार के एग्रीमेंट के कागज प्रमाणित करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नोटरी का कोई भी दस्तावेज बगैर स्टांप, मोहर और 10 रुपये के टिकट के बिना मान्य नहीं होता है। जगदीश प्रसाद ने शासन में शिकायती पत्र भेजकर कहा है कि सीतापुर में पिछले कई वर्षों से नोटरी अधिवक्ताओं का नवीनीकरण नहीं किया गया है।
इसके बाद भी नोटरी अधिवक्ता अनाधिकृत रूप से नोटरी का कार्य कर रहे हैं। चूंकि नोटरी टिकट कोषागार से ही मिल सकते हैं। इसलिए नोटरी टिकट हासिल करने को कोषागार से सांठगांठ किए हुए हैं। शिकायत कर्ता के मुताबिक यह भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है। इसकी जांच आवश्यक है। अनु सचिव अरविंद सिंह ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को मामले को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।