सीतापुर। परसेंडी ब्लॉक की ग्राम पंचायत रिखौना में विकास कार्यों की जांच में धनराशि में गबन का खुलासा हुआ है। इस मामले में डीएम ने संबंधित तीन सचिवों को मूल वेतन पर किए जाने के आदेश जिला विकास अधिकारी को दिए हैं।
परसेंडी ब्लॉक के निवासी ध्रुव कुमार शुक्ला और नरेश अवस्थी ने नोटरी शपथ पत्र पर डीएम से 15 अप्रैल 2023 को शिकायत की थी। इसमें विकास मद की धनराशि दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। डीएम ने इसकी जांच जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेश कुमार से कराई थी। इसमें धनराशि का दुरुपयोग होना पाया गया। इसके बाद अंतिम जांच जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ने किया था। इसमें में भी प्रधान और सचिव दोषी पाए गए।
कुल चार लाख 85 हजार रुपये का गबन पाया गया। जांच अधिकारी को 48 हैंडपंपों की मरम्मत संबंधी दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराए गए। डीपीआरओ डा. निरीश चंद्र साहू ने पाया कि सचिव ओम प्रकाश जुलाई से अक्तूबर 2021 तक व सचिव प्रेयस गहोई अक्तूबर 2021 से जून 2022 तक और सुरेश चंद्र वर्मा जून 2022 से जुलाई 2023 तक के दस्तावेजों के लिए जिम्मेदार हैं। दस्तावेज न देने के कारण वास्तविक अनियमितता की जानकारी नहीं हो सकी।
वित्तीय अनियमितता के लिए सचिव प्रेयस गहोई और सुरेश चंद्र वर्मा को जांच में दोषी पाया गया। साथ ही कूट रचित एमबी तैयार किए जाने में इन तीनों सचिव (ग्राम विकास अधिकारी) को दोषी पाया गया। डीएम अभिषेक आनंद ने एडीओ पंचायत परसेंडी को एफआईआर कराने के आदेश दिए हैं। जिला विकास अधिकारी संतोष नारायन गुप्ता ने बताया कि शीघ्र ही तीनों ग्राम विकास अधिकारी को मूल वेतन पर करने का आदेश जारी किया जाएगा।