सीतापुर। एक ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट स्थापना कार्य में गड़बड़ी की गई। शिकायत के बाद हुई जांच में नौ लाख 99 हजार रुपये का दुरुपयोग पाया गया। इसके लिए निवर्तमान प्रधान व सचिव दोषी पाए गए। प्रकरण में संबंधित सचिव को निलंबित किया गया था। अब उनसे चार लाख 99 हजार पांच सौ रुपये की वसूली का आदेश जारी किया गया है। यह धनराशि संबंधित ग्राम पंचायत के खाते में जमा करनी होगी।
प्रकरण विकास खंड बेहटा ग्राम पंचायत औरंगाबाद का है। यहां के निवासी शिवगोविंद की शिकायत पर ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट स्थापना की जांच उप कृषि निदेशक एवं एक्सईएन जल निगम ने की। इसमें पाया गया कि 162 स्ट्रीट लाइट की स्थापना पर नौ लाख 99 हजार खर्च दर्शाया गया है। सत्यापन के समय 22 स्ट्रीट लाइट ही जलती पाई गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि ज्यादातर लाइटें लगने के दो माह के बाद ही खराब हो गईं। 81 जगहों पर मात्र स्टैंड ही लगे पाए गए, स्ट्रीट लाइट नहीं लगी मिली। एक लाख से अधिक खर्च की जाने वाली धनराशि के संबंध में सामग्री खरीदने से पूर्व टेंडर/कोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाना पाया गया। इस संबंध में दोषी निर्वतमान प्रधान व सचिव को नोटिस जारी किया गया था।
सचिव द्वारा नोटिस का जवाब न देने पर उन्हें बीते माह निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद डीएम के आदेश पर निलंबित सचिव साजिद अली से चार लाख 99 हजार पांच सौ रुपये की वसूली के लिए डीपीआरओ ने आदेश पारित किया है। यह धनराशि ग्राम पंचायत के खाते में जमा करते हुए इसकी रसीद प्रस्तुत करनी है। डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि डीएम के आदेश पर अधिभार वसूली आदेश जारी किया गया है।