सीतापुर के जीआईसी इंटर कालेज में मूल्यांकन करते शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, सीतापुर
बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के पहले दिन अव्यवस्थाएं हावी रहीं। पहला दिन तैयारियों व बैठकों में ही गुजर गया। अधिकांश शिक्षक देर से पहुंचे। इससे उन्हें सिर्फ मूल्यांकन के तरीके बताए जा सके। दोपहर दो बजे के बाद परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाएं अलॉट की गईं। पहले दिन केवल 4611 उत्तर पुस्तिकाएं ही चेक हो सकी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शहर के तीन परीक्षा केंद्रों पर बुधवार को अव्यवस्था के बीच शुरू हुआ। परीक्षकों को सुबह 10 बजे केंद्र पर उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश थे, लेकिन अधिकांश देर से पहुंचे।
पहले परीक्षकों को प्रधानाचार्यों ने बैठक कर तौर तरीके बताए। जब शिक्षक देर से पहुंचे तो बैठक को होने में ही दो बज गए। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित की गईं। अधिकांश शिक्षक ने एक ही बंडल चेक किया, तो किसी ने पूरा बंडल भी चेक नहीं किया। उसके बाद उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर दीं।
राजकीय इंटर कॉलेज सीतापुर पर इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना है। यहां पर पहले दिन केवल एक हजार 426 ही कॉपियां जांचीं जा सकीं। इसी प्रकार हाईस्कूल परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन दो केंद्रों पर होना है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, सीतापुर पर सर्वाधिक मूल्यांकन हुआ। यहां पर तीन हजार 85 कॉपियां जांची गईं। सबसे कम मूल्यांकन एचकेपी पर हुआ।
597 परीक्षक रहे गैरहाजिर
राजकीय इंटर कॉलेज सीतापुर पर मूल्यांकन करने के लिए 673 परीक्षक नियुक्ति किए गए हैं। पहले दिन 310 शिक्षकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। जबकि 363 गैरहाजिर रहे। इसी प्रकार राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पर 335 परीक्षकों के सापेक्ष केवल 105 उपस्थिति रहे। 230 अनुपस्थिति रहे। इसके अलावा एचकेपी पर हाईस्कूल के मूल्यांकन के लिए 346 शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। यहां पर 182 शिक्षक उपस्थित हुए। जबकि 164 ने आमद दर्ज नहीं कराई।