सीतापुर। इन दिनों जिला ब्लॅड बैंक में खून का संकट खड़ा हो रहा है। कारण यह कि ब्लॅड बैंक में महज 20 यूनिट ही खून बचा है। यह संकट रोजाना बढ़ रही डिमांड की वजह से उत्पन्न हुआ है। अप्रैल में जहां रोजाना 10 से 15 यूनिट खून की खपत होती थी, वहीं अब यह डिमांड बढ़कर 25 से 30 यूनिट हो गई है। इससे मरीजों को खून का इंतजाम करने में जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में ब्लॅड बैंक स्थापित है। इस ब्लॅड बैंक के जरिए सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों की खून की जरूरत पूरी की जाती है। ब्लॅड बैंक का कहना है मई में अचानक खून की डिमांड बढ़ गई है। इसी वजह से दिक्कतें आ रही हैं। अप्रैल में जहां 10 से 15 यूनिट रोजाना खून की खपत होती थी वहीं मई में अब 25 से 30 यूनिट खून की खपत प्रतिदिन हो रही है। इस वजह से ब्लॅड बैंक में अब खून की किल्लत होने लगी है। इससे मरीजों को दिक्कत हो रही है।
ब्लॅड बैंक से लगातार खून जाने से यहां के जिम्मेदार अधिकारी भी चिंतित हैं। अधिकारियों का कहना है इस समय सामाजिक संस्थाओं की तरफ से शिविर भी आयोजित नहीं किए जा रहे हैं। इससे संकट गहराता जा रहा है। फिर भी यहां आने वाले मरीजों के लिए उनके परिवारीजनों का खून डोनेट कराकर इस कमी को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्यादातर डिमांड ओ-पॉजिटिव व बी-पॉजिटिव की होती है। सबसे अधिक समस्या एबी-निगेटिव व ए-निगेटिव की होती है। यह रक्त समूह आसानी से नहीं मिल पाता है। इसके लिए लोगों को काफी दिक्कत होती है।
संजीवन संस्था के अध्यक्ष आकाश अग्रवाल का कहना है हाल ही में जिला अस्पताल के ब्लॅड बैंक को 200 यूनिट खून दान दिया था। इस कमी के पीछे कारण यह है कि जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती को निशुल्क व बिना डोनेटर के खून दिया जाता है। इससे एक बार खून जाने के बाद रिकवरी नहीं हो पाती है। वहीं कुछ संस्थाएं जो खून दान करवाती हैं, उनकी डिमांड पर भी दो से तीन यूनिट खून चला जाता है। इसके अलावा इमरजेंसी मामलों में भी बिना डोनेटर के खून दे दिया जाता है। इसी वजह से अस्पताल में खून की कमी आ रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए जल्द ही प्रयास किए जाएंगे।
जिले में इस समय जिन लोगों को खून की जरूरत पड़ती है, वे पहले अपने डोनेटर को लेकर ब्लॅड बैंक जाते हैं। पहले डोनेटर रक्तदान करता है, तब उसके बदले जरूरत के अनुसार उसे खून दिया जाता है। ब्लॅड बैंक में एबी-निगेटिव व ए-निगेटिव ग्रुप का खून न होने पर जरूरतमंद पहले इस ग्रुप के डोनेटर को तलाशता है फिर उसका ब्लॅड निकालकर उसको दिया जाता है।
जिला अस्पताल में इस समय दवाओं की कोई दिक्कत नहीं है। हाल ही में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सभी अस्पतालों को एक सप्ताह का दवाओं का बैकअप रखने के निर्देश दिए थे। इस पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। दवाओं की कोई कमी नहीं है। रोजाना दवाएं आती हैं। अस्पताल में एक सप्ताह से अधिक का स्टॉक बना हुआ है। अस्पताल आने वाले मरीजों को पर्याप्त दवाएं दी जा रही हैं।
जिला ब्लॅड बैंक में इस समय खून की कमी हो रही है। सभी सामाजिक संस्थाओं से अपील है कि वे रक्तदान शिविर आयोजित करके मरीजों की जान बचाने में मदद करें। कई जनपदों में पुलिस विभाग की तरफ से वृहद स्तर पर शिविर आयोजित करके रक्तदान कराया जा रहा है। जिले के पुलिस विभाग से अपील है कि वह भी इस कमी को पूरा करने के लिए आगे आए।
-डॉ. पूजा यादव, जिला ब्लॅड बैंक प्रभारी