नैमिषारण्य में पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पूजन करते लोग।
नैमिषारण्य। पितृपक्ष की चतुर्दशी पर शुक्रवार को नाभि गया नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए चक्रतीर्थ, काशीकुंड और गोमती नदी घाट पर पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण किया।
सुबह छह बजे से ही चक्रतीर्थ के घाटों पर वंशजों ने अपने पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान शुरू कर दिए। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने पूर्वजों की तृप्ति के लिए प्रार्थना की। पिंडदान और तर्पण के बाद श्रद्धालुओं ने ब्राह्मणों को आदरपूर्वक भोजन कराया और सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा दी।
इस अवसर पर पूर्व एमएलसी राकेश सिंह ने भी अपने पूरे परिवार के साथ पावन चक्रतीर्थ में उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने पुरोहितों के सानिध्य में विधि-विधान के साथ अपने पितरों के निमित्त पिंडदान और श्राद्ध कर्म संपन्न किया।