सीतापुर में रविवार को सराफा दुकान में खरीददारी करते ग्राहक।
- फोटो : अमर उजाला
अक्षय तृतीया पर सीतापुर में सराफा की दुकानें गुलजार रहीं। इस दिन लोगों ने जमकर खूब सोने की खरीद-फरोख्त की। लक्ष्मी जी कृपा पाने के लिए हर किसी ने कुछ न कुछ सोना जरूर खरीदा। अगर अमीर घरानों की पसंद नेकलेस रहे, तो मध्यम वर्ग के लोगों ने झुमकियां। सोने की कीलें तो खूब बिकीं। ऐसे में जिले में 75 लाख रुपये का सोने-चांदी का कारोबार हुआ।
वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के रूप माना जाता है। लक्ष्मी का दिन होने के नाते सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन सोने-चांदी की जमकर खरीद-फरोख्त होती है।
ऐसे में यहां के सराफा कारोबारी ने पहले ही बाहर से नए-नए वैरायटी के आइटम मंगवा लिये थे। सोमवार को अक्षय तृतीय होने से सर्राफा बाजार खुल गया था। मार्केट खुलते ही सुबह से सराफा दुकानों पर रौनक दिखने लगी थी, जो देर रात तक रही।
गोविंद ज्वैलर्स के प्रोपराइटर आशीष मेहरोत्रा बताते हैं कि आज हर किसी ने कुछ न कुछ जरूर खरीदा। बड़े घराने के लोगों ने अगर नेकलेस खरीदे। तो मध्यम वर्ग ने भी सोने की झुमकियाें की खरीददारी की।
वरना सोने की कीलें तो अवश्य ही खरीदी। यानी आज के दिन हर घर में कुछ न कुछ सोना अवश्य पहुंचा। इस दिन हर किसी ने नकदी से नया सोना खरीदा। किसी ने भी पुराने जेवर के बदले नया सोना नहीं खरीदा। यही नहीं आज के दिन 15 सोने के सिक्से भी खरीदे गए।