राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट की जन सुनवाई अदालत में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। पहले दिन ज्यादातर अफसर गैरहाजिर रहे, वही कुछ ने अपने मातहतों को भेज दिया। जिस पर आयुक्त ने एडीएम से भी नाराजगी भी जताई। साथ ही शुक्रवार को अदालत में सभी अफसराें को समय पर उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए।
मालूम हो कि राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट गुरुवार को टीम के साथ जिले में दो दिवसीय दौरे पर हैं। पहले दिन विकास भवन सभागार में जन सुनवाई अदालत लगी। यहां खामियां मिलने पर आयुक्त जमकर बिफरे। कारण यह था कि लंबित अपील मामलों के वादकारी तो थे पर संबंधित अफसर गायब थे।
कई ने तो खुद न पहुंचकर अपने मातहतों को सुनवाई में भेजा था। जो आयुक्त व आवेदक की बात का सही से जवाब तक दे नहीं पा रहे थे। दो दिवसीय जन सुनवाई अदालत में आयुक्त को 220 मामले निस्तारित करने हैं। पर पहले दिन देर शाम तक 117 मामलों की सुनवाई की।
ज्यादातर मामले शुक्रवार के लिए संदर्भित किए गए हैं। आवास विकास विभाग के एक मामले की सुनवाई में सहायक अभियंता के गैरहाजिर रहने पर आयुक्त ने एडीएम से नाराजगी जताई। साथ ही उन्हाेंने अफसरों से कहा कि सूचना लेना जहां आवेदक का अधिकार हैं, वही सूचना देना अफसर की जिम्मेदारी है।
उन्हाेंने कहा कि सूचना अधिकार को सभी विभागों के अफसर व कर्मी गंभीरता से लें, जिससे आवेदक को भागदौड़ न करनी पड़े। इस अवसर पर एडीएम सर्वेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल प्रकाश श्रीवास्तव, डीडीओ डीके दोहरे आदि अफसर मौजूद रहे।