सीतापुर। मौसम खराब होने के बाद भी नदी व तालाबों के किनारे घाटों पर मंगलवार की भोर में छठ महापर्व का उल्लास हिलोरे मारता दिखा। श्रद्धालु उत्साह के साथ मौसमी फलों व पूजन सामग्री से भरे सूप को सिर पर रखकर घाटों की ओर जाते दिखाई दिए। माहौल में गूंजते छठ मइया के गीतों के बीच कमर भर पानी में खड़े होकर व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन अर्चना के साथ छठ माता से परिवार की सुख-समृद्धि का आशीष मांगा। इसके बाद 36 घंटे तक चले निर्जला व्रत का पारण किया।
छठ पूजन पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नदी और तालाबों के विभिन्न घाटों पर मंगलवार की भोर आस्था, विश्वास व परंपरा की त्रिवेणी बहती नजर आई। व्रती महिलाएं भोर पहर छठ माता के गीत गाते हुए अपने घर के नजदीक नदी व पोखरों के घाटों पर पहुंची। इस दौरान गोदिया में एक ललन दे दे छठी मइया... आपन पूजवा लिहीं ये छठी मइया.. जैसे गीतों से छठ पूजा के घाट गुंजायमान रहे। व्रती महिलाओं ने दीपों व पूजन सामग्री से पहले वेदी को सुशोभित किया, इसके बाद पानी में कमर तक खड़े होकर भगवान सूर्य को पूजा का दूसरा अर्घ्य दिया।
मौसम खराब होने के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी। शहर में 27 वीं वाहिनी पीएसी व गोल्फ ग्राउंड और ताड़कनाथ मंदिर के पास सरायन नदी के घाट पर पूरा माहौल भक्तिमय दिखा। पूजन अर्चन के साथ ही परिवार के सदस्य पूजा के यादगार पलों को संजोने के लिए मोबाइल से सेल्फी व फोटो लेने में व्यस्त दिखे। रामपुर मथुरा क्षेत्र में सरयू नदी के विभिन्न घाटों, रामकोट क्षेत्र के डालमिया चीनी मिल जवाहरपुर, रामेश्वरम के गंगा सागर तीर्थ के घाटों और महमूदाबाद के संकटा देवी मंदिर प्रांगण स्थित तालाब के घाट पर व्रतियों ने उदय होते सूर्य को दूसरा अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया।
श्रद्धालुओं में दिखा भारी उत्साह
जहांगीराबाद। बिसवां शुगर फैक्ट्ररी के निकट स्थित पार्क एवं जहांगीराबाद में केवानी नदी के तट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती सुहागिनों ने अपने महाव्रत का पारण किया। इसके साथ चार दिनों से चल रहे लोक महापर्व छठ पूजा का समापन हो गया। पूरा पंडाल सूर्य नारायण के जयकारों से गूंज उठा। 36 घंटों तक लगातार उपवास के बाद मंगलवार को व्रती श्रद्धालुओं ने सबसे पहले गर्म पानी, अदरक और गुड़ का सेवन कर व्रत का पारण किया।
गूंजते रहे छठ माता के पारंपरिक गीत
हरगांव। रिमझिम फुहारों के बीच मंगलवार भोर में बिड़ला मंदिर परिसर का कृत्रिम सरोवर श्रद्धा और आस्था से सराबोर दिखा। व्रतियों ने उदयाचल सूर्य को दूध और जल से अर्घ्य अर्पित कर चार दिवसीय महापर्व छठ का समापन किया। पूरे घाट स्थल पर छठ माता के पारंपरिक गीत गूंजते रहे।
सरयू के घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
रेउसा। सरयू नदी के चहलारी घाट, कनरखी घाट व चंदौली घाट पर मंगलवार की भोर में आस्था का सैलाब उमड़ा दिखा। छठ पूजा के अंतिम दिन काफी संख्या में व्रती महिलाओं के साथ ही श्रद्धालुओं ने उगते सूरज को अर्घ्य दिया। इसके बाद विधिवत पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद छठी मइया और भगवान भास्कर से मांगा।