नोट बंदी के खिलाफ विपक्ष के भारत बंद का आह्वान पूरी तरह बेअसर रहा। यहां की बाजारें रोजाना की तरह खुलीं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों तक बाजारें खुली रहीं, लोगों ने रोज की तरह सोमवार को भी बाजारों में खरीददारी की, ऐसा कोई संगठन भी नजर नहीं आया, जो नोट बंदी को लेकर बाजार बंद कराने का प्रयास कर रहा हो।
जनपद में सपाई भी बंद के पक्ष में नजर नहीं आए। बसपाई चुप्पी साधे रहे। जबकि कांग्रेस के नेताओं ने पैदल मार्च कर नोट बंदी का विरोध किया। इस दौरान बताया गया कि बंद वाममोर्चा ने बुलाया है। यहां बता दें कि इस जिले में वाममोर्चा की जमीन इतनी मजबूत नहीं है कि उसके फैसले किसी को प्रभावित कर सकें।
टीवी चैनलों को देखने व अखबारों को पढ़ने के बाद यहां के लोग इतना तो जान गए कि नोट बंदी के विरोध में विपक्ष ने भारत बंद बुलाया है। इसके बावजूद दुकानदार पहले की तरह तैयार होकर दुकानों पर पहुंचे और दुकानों को खोला।
दुकानदार असमंजस में थे कि कहीं ग्राहक बाजार में न आए, लेकिन सुबह से ही जरूरतमंद ग्राहक दुकानों पर पहुंचने लगे। जिला मुख्यालय पर पहले की ही तरह सभी बाजारें खुली रहीं और पहले की ही तरह बाजारों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ती रही।
कुछ ऐसा ही हाल लहरपुर, बिसवां, महमूदाबाद, मिश्रिख, महोली, सिधौली, हरगांव, मछरेहटा, कमलापुर, अटरिया, रेउसा, जहांगीराबाद, तंबौर आदि बाजारों का रहा। जिले में ऐसा कोई भी संगठन नजर नहीं आया, जो दुकानें बंद करने का अह्वान कर रहा हो।
कुल मिलाकर यहां पर भारत बंद का आह्वान पूरी तरह से फ्लाप रहा। इससे भाजपाई गदगद नजर आए। भाजपा नेताओं का कहना है कि आज का दिन विपक्ष के लिए फ्लाप शो जैसा है।