महमूदाबाद। जिले के नूरपुर में शारदा सहायक नहर पर बन रहा पहला आर्च ब्रिज (धनुषाकार पुल) भगवान श्रीराम को समर्पित किया जाएगा। इसके लिए पुल का नाम राम सेतु किए जाने की कवायद शुरू हुई है। क्षेत्रीय विधायक ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पालिका बोर्ड में पास कराने के लिए भेजा है। पालिका यह प्रस्ताव पास करते हुए शासन के अनुमोदन के लिए भेजेगी। शासन से मंजूरी मिलने पर नूरपुर पुल का नाम राम सेतु हो जाएगा।
महमूदाबाद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत शारदा सहायक नहर की दो धाराएं निकलती हैं। इस पर अस्सी के दशक में एकल पुल बनाया गया था। आवागमन और वाहनों का दबाव बढ़ने से पुल के संचालन में काफी दिक्कत हो रही थी। पुल भी जर्जर हालत में पहुंच चुका था। इसके चलते बीते लंबे समय से पुल निर्माण की मांग हो रही थी। दो वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक आशा मौर्या के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुल के निर्माण की स्वीकृति देते हुए इसके लिए करीब 40 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की थी।
पहले यहां सीमेंट के पिलर आधारित पुल ही बनाया जाना था, बाद में सेतु निगम ने इसका डिजाइन बदलकर इस्पात निर्मित आर्च ब्रिज कर दिया। शासन ने नई डिजाइन स्वीकृत करते हुए पुल निर्माण कार्य को मंजूरी भी दे दी। यह जिले में बनने वाला इस तरह की डिजाइन का पहला पुल है। इसे नूरपुर पुल के नाम से जाना जाता है। इस पुल का नाम अब राम सेतु करने की तैयारी है। विधायक ने सोमवार को पालिका की बोर्ड बैठक में पुल का नाम राम सेतु किए जाने का प्रस्ताव शामिल कराया है।
अंतर्जनपदीय आवागमन बढ़ेगा
नूरपुर पुल बनने से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों तक आवागमन बेहद आसान हो जाएगा। पुल को डबल लेन इस्पात आधारित तैयार किया जा रहा है। इससे महमूदाबाद गोडैचा, रामपुर मथुरा, रेउसा सहित बहराइच जाने के लिए इस मार्ग पर आवागमन बढ़ जाएगा। इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब 10 हजार वाहनों का आवागमन होता है।
मार्च तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की उम्मीद
नूरपुर पुल का निर्माण कार्य अगले माह मार्च माह तक पूर्ण हो जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही पुल आवागमन भी शुरू हो जाएगा। यह पुल हम सभी के आराध्य भगवान श्रीराम के धनुष के आकार का होगा। इसी लिए पुल का नामकरण राम सेतु करने का निर्णय लिया गया है।
आशा मौर्या, विधायक महमूदाबाद।