सीतापुर। वाहनों की फिटनेस अब ऑटोमेटिक फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम (एएफएमएस) से होगी। जिले के एआरटीओ दफ्तर में यह सुविधा नहीं है। लिहाजा, वाहन स्वामियों को अपनी गाड़ी की फिटनेस जांच कराने के लिए लखनऊ की दौड़ लगानी पड़ेगी। इससे समय के साथ पैसे भी ज्यादा खर्च करने होंगे।
परिवहन मंत्रालय ने अब नई व्यवस्था लागू कर दी है। इससे सीतापुर के अलावा बाराबंकी, रायबरेली, हरदोई व उन्नाव जनपद के वाहन स्वामी भी प्रभावित होंगे। परिवहन मंत्रालय ने ऑटोमेटिक फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम (एएफएमएस) से फिटनेस कराए जाने का आदेश जारी किया है। विभाग ने पोर्टल भी अपडेट कर दिया है। जिन जनपदों पर एएफएमएस की व्यवस्था नहीं है उन्हें नजदीकी केंद्र से संबंद्ध कर दिया गया है। सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, हरदोई व उन्नाव जिले को बक्शी का तालाब (लखनऊ) स्थित एएफएमएस केंद्र से अटैच किया गया है। व्यावसायिक वाहनों की आठ साल की अवधि तक हर दो साल बाद जबकि इससे ज्यादा पुराने वाहन की हर साल फिटनेस करानी होती है।
लगानी होगी 100 किमी की दौड़
सीतापुर के संभागीय परिवहन विभाग में करीब 5.60 लाख वाहन पंजीकृत हैं। यहां एक दिन में फिटनेस के 90 स्लॉट थे, इन्हें आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकता था। यहां 60 हजार से अधिक वाहन फिटनेस के दायरे में आते हैं। इन वाहन स्वामियों को फिटनेस कराने के लिए अब 100 से 150 किमी दूरी तय करते हुए लखनऊ जिले के बक्शी का तालाब केंद्र पर जाना होगा। इसमें समय के साथ पैसा भी ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
फिटनेस क्यों है जरूरी
यदि कोई व्यक्ति बिना फिटनेस या निलंबित पंजीकरण वाले वाहन को सड़क पर चलाता है या चलाने देता है तो यह मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192 के तहत अपराध है। पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा एक वर्ष तक का कारावास एवं दूसरी बार चालान होने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दो वर्ष तक का कारावास का प्रावधान है। हादसा होने की दशा में बीमा कंपनी द्वारा क्लेम से इंकार किया जा सकता है।
- विजय कुमार गुप्ता, अधिवक्ता
बख्शी का तालाब में होगी फिटनेस
परिवहन मंत्रालय की ओर से फिटनेस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। विभाग ने पोर्टल अपडेट कर दिया है। सीतापुर के वाहन स्वामियों को नजदीकी केंद्र बख्शी का तालाब (लखनऊ) में फिटनेस कराने के लिए जाना होगा।
- सर्वेश चतुर्वेदी, एआरटीओ