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Sitapur News: अब गृहस्थी को समेटने की जद्दोजहद

Fri, 30 Aug 2024 01:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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शारदा नहर की कटी पटरी को दुरुस्त करते कर्मचारी।
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महमूदाबाद (सीतापुर)। शारदा नहर की पटरी कटने से जलमग्न हुए गांवों में चार दिन बाद भी हालात पटरी पर नहीं आ सके हैं। कई घरों से पानी तो निकल गया है लेकिन कीचड़ होने से गुजर-बसर में मुश्किलें आ रही हैं। अब लोग सैलाब में बह गई गृहस्थी को समेटने में जुट गए हैं। वहीं, छह गांवों में अब भी पानी भरा हुआ है। प्रशासन से राशन किट तो मिल गई पर जलभराव के बीच खाना बनाने की समस्या है। हर ओर पानी भरा होने से ग्रामीणों की दिनचर्या भी प्रभावित है।
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बिसवां और महमूदाबाद के बीच रुसहड़ पुल के पास 26 अगस्त को शारदा सहायक नहर की पटरी अचानक कट गई थी। तेज बहाव के साथ पानी खेतों व रास्तों से होते हुए गांवों में घुस गया था। अचानक हर तरफ सैलाब देख लोग जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए थे। प्रशासन व एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सैकड़ों लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया था। हजारों बीघा फसलें पानी में डूब गई थीं। सैलाब ने करीब 15 किमी के दायरे में बसे 16 गांवों में तबाही मचाई।
हादसे के चौथे दिन भी प्रभावित गांवों में हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। बिसवां क्षेत्र के लोधौरा निवासी मेवालाल बताते हैं कि जिंदगी में पहली बार ऐसी तबाही देखी है। एकाएक पानी गांव में भरने लगा और चीख पुकार मच गई। कोई कुछ समझ पाता इससे पहले पानी का तेज बहाव घरों के भीतर तक घुसने लगा। उस समय जान बचाकर भागने में ही भलाई समझी। राहत शिविर में शरण ले रखी थी।
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चौथे दिन घर वापस आए हैं। घर से पानी तो निकल गया है लेकिन काफी कीचड़ भरा हुआ है। घर को रहने लायक बनाने में करीब आठ से दस दिन लग जाएंगे। राशन किट मिली है, लेकिन घर में अभी खाना बनाने की व्यवस्था नहीं है। महमूदाबाद क्षेत्र के जदवापुर निवासी आशाराम ने बताया कि मजदूरी कर गृहस्थी बनाने में जिंदगी खपा दी थी। एक झटके में सब कुछ बर्बाद हो गया।
चार दिन बाद घर आए तो बर्बादी का मंजर देख कलेजा फट गया। पूरी गृहस्थी तबाह हो गई। घर के अंदर से लेकर बाहर तक कीचड़ ही कीचड़ है। समझ नहीं आ रहा सफाई कैसे और कहां से शुरू करें। वहीं, धमगोदरा, दुर्गापुरवा, भुड़कुड़ा, ठकुरहा व कमलापुर समेत छह गांवों में पानी अब भी भरा है। मेवालाल ने बताया कि पानी कम पड़ा है लेकिन पूरी तरह से निकल नहीं पाया है। छत पर अथवा तख्त पर खाना बनाना पड़ रहा है।

विधायक ने बंधाया ढाढस, मदद का दिया आश्वासन
जलभराव से प्रभावित गांवों का बृहस्पतिवार को महमूदाबाद विधायक आशा मौर्या ने दौरा किया। नई बस्ती अहेवा में घरों के अंदर अब तक पानी भरा होने से लोगों का गुजर-बसर करना मुश्किल है। यहां अपने घर के बाहर छप्पर के नीचे बैठी महिला बरफी से विधायक ने समस्याएं जानीं। विधायक ने सरकार की ओर से मुहैया सुविधाएं दिलाए जाने का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि नुकसान का सर्वे लेखपाल कर रहे हैं। अगर किसी का नाम छूट गया है तो लाभार्थियों की सूची में दर्ज कराया जाएगा। सभी को मदद दिलाई जाएगी।



प्रभारी मंत्री बोले फसल, क्षतिग्रस्त घरों का मिलेगा मुआवजा, सरकार सिल्ट हटाने की करेगी व्यवस्था
प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने बृहस्पतिवार को बिसवां तहसील क्षेत्र के शारदा सहायक नहर पटरी कटान से प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया। डीएम को मरम्मत, राहत वितरण व सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं।
किसानों की फसलों के नुकसान का मुआवजा सरकार देगी। जो घर क्षतिग्रस्त हुए हैं उनका भी मुआवजा प्रभावितों को दिया जाएगा। इसके साथ ही गांवों व खेतों से सिल्ट हटवाए जाने की व्यवस्था भी सरकार करेगी। प्रभारी मंत्री ने बीएलएसडी इंटर काॅलेज लोधौनीपुरवा के राहत शिविर में प्रभावितों को राहत किट का वितरण भी किया।

राशन की लगी लंबी कतार
प्रभावित गांवों के ग्रामीणों के सामने खाने पीने का संकट है। राहत शिविरों में लंबी कतार में खड़ा होकर खाना लेना पड़ रहा है। इस कतार में महिलाएं, बुजुर्ग व पुरुष सभी शामिल हैं।
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