सीतापुर। घरों में कैद हॉटस्पॉट खैराबाद के बाशिंदों के लिए एक अच्छी खबर है। अब बीमार होने पर उन्हें जिला अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी। घर बैठे इलाज मिलेगा। इसके लिए उन्हें एक कॉल करनी होगी। इसके बाद चंद मिनटों में चलता-फिरता अस्पताल घर पहुंच जाएगा।
तीन किमी. क्षेत्र में आने वाले खैराबाद कस्बे के 25 वार्ड, 56 मोहल्ले और आठ गांव के लोगों को घरों से निकलने पर पूरी पाबंदी है। पग-पग पर पुलिस का कड़ा पहरा है। ऐसे में अगर कोई बीमार हो रहा है तो वक्त रहते उसे इलाज मिलना बड़ी चुनौती है, इससे मरीज की जान को भी खतरा बना है।
खैराबाद के तीन किमी के दायरे में रहने वाले लोगों को इलाज के लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है। वजह है कि, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे ने मिलकर आपके इलाज के लिए एक बेहतर तरीका खोज निकाला है।
डीएम अखिलेश तिवारी, सीएमओ डॉक्टर आलोक वर्मा ने जो प्लान तैयार किया है, उसके तहत अब बीमार होने पर खैराबाद के लोगों को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि अस्पताल खुद आपके घर पहुंच जाएगा। इसके लिए मरीज और परिवार को सिर्फ कॉल करनी होगी।
इसके बाद चलता-फिरता अस्पताल आपकी सेवा में हाजिर होगा। इस अस्पताल में वो सभी सुविधाएं भी होंगी, जो जिला अस्पताल में मिलेंगी। मसलन, अनुभवी डॉक्टर, फार्मासिस्ट, ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल अफसर) नर्स आपका इलाज करने के लिए आएंगी।
अस्पताल का नाम मोबाइल मेडिकल वैन रखा गया है। डॉक्टर और टीम के साथ दवाएं भी रहेंगी, ताकि मौके पर ही मरीज को देखने के साथ ही ‘संजीवनी’ देकर उसकी जान बचाई जा सके। तीन किमी. के एरिया के लिए स्वास्थ्य विभाग ने इस तरह के चार अस्पतालों की व्यवस्था की है। ये सुविधा जल्द ही शुरू होने जा रही है।
घर बैठे इलाज के लिए मिलाएं नंबर
खैराबाद के लोगों को घर बैठे इलाज मुहैया कराने के लिए कोरोना कंट्रोल हेल्थ नंबर 05862-242265 जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल करते ही समस्या सुनी जाएगी। लोकेशन पूछने के बाद मोहल्ले के करीब वाले प्वाइंट पर तैनात मोबाइल मेडिकल वैन को मौके पर भेजा जाएगा।
इसलिए लागू करनी पड़ी व्यवस्था
कंप्लीट लॉकडाउन में पूरी तरह से सील खैराबाद के लोग बीमार होने की दशा में इलाज को लेकर परेशान हैं। अफसरों के पास और बनाए गए कंट्रोल रूम में इस तरह की शिकायतें आ रहीं थी। कई बार पुलिसकर्मी मान जाते और जाने देते हैं, लेकिन इस दरम्यान पुलिस से बातचीत करने से समय जाया जाता है और बीमार मरीज के लिए एक-एक मिनट कितना कीमती होता है, ये बताने की जरूरत नहीं है।
कई बार पुलिस को यकीन भी नहीं होता है कि व्यक्ति अस्पताल ही जा रहा है, क्योंकि रोजाना लोगों का ये झूठ पकड़ा भी जा रहा है। इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए मरीज को घर बैठे इलाज देने के लिए ये पहल की गई है। विभागीय जानकारों की माने तो जब तक कोरोना वायरस से खैराबाद पूरी तरह से मुक्त नहीं हो जाता और खैराबाद सीएचसी को बनाए कोविड एल-1 अस्पताल से कोरोना पॉजिटिव के सभी मरीज ठीक होकर चले नहीं जाते, तब तक यहां पर अन्य बीमारियों के किसी भी मरीज का कोई इलाज नहीं किया जाएगा।
लॉकडाउन में फंसे खैराबाद के लोगों की सहूलियत के लिए ये सुविधा लागू की जा रही है। सील हुए तीन किमी. के दायरे में मोबाइल मेडिकल वैन रहेगी। सूचना मिलते ही लोकेशन पर पहुंचकर मरीज का इलाज किया जाएगा। डॉक्टर समेत चार स्वास्थ्य कर्मियों का स्टाफ होगा। दवाएं भी साथ में ही रहेंगी। सामान्य परेशानी होने पर इलाज करके टीम चली आएगी। गंभीर समस्या होने पर जिला अस्पताल या ट्रॉमा भेजा जाएगा।
- डॉक्टर आलोक वर्मा, सीएमओ