सीतापुर। कोरोना वायरस का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। अब लहरपुर का बिजली मैकेनिक कोरोना संक्रमित पाया गया है। हालांकि, शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह कई महीने से घर नहीं आया था। कानपुर में काम करता था। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी जांच में जुटे हैं।
लहरपुर के चौपड़ी टोला निवासी एक व्यक्ति कानपुर में बिजली मैकेनिक है। बताते हैं कि कुछ दिन पूर्व उसे पेट में दिक्कत हुई। इस पर आठ दिन पहले वह राम मनोहर लोहिया संस्थान लखनऊ पहुंचा था, जहां उसे भर्ती किया गया। अफसरों के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया कि आंत में फोड़ा है। ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके लिए कोरोना की जांच कराई जाएगी। बताया जाता है कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने मरीज की रविवार को कोरोना की जांच कराई थी।
सोमवार देर रात रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसकी सूचना मिलते ही लहरपुर पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज के घर पहुंची। हालांकि, सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा ने बताया कि शुरुआती जानकारी मिल रही है कि मरीज कई महीने से घर नहीं आया था। वह कानपुर में ही रहकर बिजली मैकेनिक का काम करता था। उसकी तबियत खराब होने के बाद राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती होने पर रविवार को उसकी पत्नी उसे देखने गई थी। इसके बाद घर चली आई थी। सीएमओ का कहना है कि हो सकता है कि मरीज की ट्रैवेल हिस्ट्री आदि छिपाई जा रही हो। इसकी जांच की जा रही है।
फिलहाल संक्रमित पति को देखकर घर आई पत्नी के साथ बच्चों को एहतियातन होम क्वारंटीन कराया गया है। कोरोना जांच के लिए सैंपल भेजा जाएगा। सीएमओ ने बताया कि हरगांव में संक्रमित मिले व्यापारी का केस जिले में ही जुड़ गया है। इसको लेकर कोरोना मरीजों की संख्या 47 हो गई है। अगर लहरपुर का मामला भी जिले में जोड़ा जाता है तो आंकड़ा 48 और एक्टिव केसों की संख्या पांच मानी जाएगी। इंस्पेक्टर लहरपुर अनिल पांडेय ने बताया कि पत्नी ने पूछताछ में बताया है कि जनवरी से वह घर नहीं आए थे। हॉटस्पॉट बनाने के बारे में अफसरों के आदेश के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
पुलिस और स्वास्थ्य महकमे के अफसर संक्रमित मरीज की पत्नी से बातचीत के आधार पर दावा तो कर रहे हैं कि मरीज जनवरी से लहरपुर नहीं आया था, लेकिन दबी जुबान अफसरों के गले भी ये बात नहीं उतर रही है। वजह है कि 25 मार्च से संपूर्ण लॉकडाउन में हर कोई अपने घर आ रहा था। ऐसे में काम धंधा बंद होने के बाद भी बिजली मैकेनिक घर नहीं आया, ये बात समझ से परे है। फिलहाल अफसर इसकी जांच की बात कह रहे हैं।