सीतापुर। शासन के आदेश से ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने वालों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। प्रदेश सरकार ने स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कोटा कम कर दिया है। गुरुवार से पूर्व के कोटे का आधे से कम कर दिया गया है। इससे लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी। परिवहन विभाग के जानकार बताते हैं कि जिले में प्रतिदिन स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कोटा 150 था। हर रोज इतने स्थायी लाइसेंस बन सकते थे, लेकिन गुरुवार से शासन ने यह कोटा आधे से भी कम कर दिया है। अब जिले में हर रोज मात्र 72 स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस ही बन पाएंगे।
शासन ने अस्थायी (लर्निंग) ड्राइविंग लाइसेंस व रिनीवल, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कोटा यथावत रखा है। जिले में हर दिन 201 अस्थायी (लर्निंग) ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा सकते हैं। इसी तरह नवीनीकरण, द्वितीय प्रति देने के लिए स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस भी हर रोज 33 बनाए जा सकते हैं। खास बात यह कि नवीनीकरण कराने वाले स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस धारियों के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है।
कोविड-19 के चलते भारत सरकार ने मार्च 21 तक यह सहूलत दी थी, यदि इस दरम्यान किसी स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस धारी अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करा पाता है तो गाड़ी का चालान होने पर भी उसे ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर जुर्माना नहीं देना होगा। अब स्थायी खासकर कामर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को मुश्किल उठानी पड़ेगी।
मौजूदा समय में जो व्यक्ति स्थायी लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन करता है तो उसको मई माह की तारीखे मिल रही हैं। यह काम काफी पेंडिंग चल रहा है। ऐसे में 31 मार्च के बाद यह मुश्किल और बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर खास तौर से कामर्शियल वाहन चालकों पर पड़ेगा। कामर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस का पांच साल में नवीनीकरण कराना होता है।
आरसी की समस्या हुई खत्म
सीतापुर ही नहीं पूरे प्रदेश के जिलों के परिवहन विभाग के पास आरसी नहीं थीं। इससे लोगों को गाड़ी ट्रांसफर कराने सहित अन्य प्रक्रिया के बाद आरसी को लेकर दिक्कत होती थी। इसको लेकर अफसरों ने भी शासन से पत्राचार किया था। अन्य माध्यमों से भी आरसी की समस्या को लेकर विभाग के आला अफसरों को अवगत कराया जाता रहा। गुरुवार से इस समस्या से निजात मिल गई। सीतापुर परिवहन कार्यालय में आरसी आ गई हैं। लोगों को आरसी की समस्या से निजात मिल जाएगी।