सीतापुर। कोरोना प्रोटोकाल की पुरानी व्यवस्था में बदलाव कर नईगाइड लाइन जारी कर दी गई है। अब कोरोना मरीजों की लगातार दो जांचें नहीं कराई जाएंगी। पहला टेस्ट निगेटिव आने पर मरीज को कोरोना मुक्त मान लिया जाएगा। शासन की नई गाइडलाइन पर जिले में काम भी शुरू हो गया है।
अभी तक कोरोना प्रोटोकाल के तहत पॉजिटिव केस मिलने के बाद 14 दिन की मियाद पूरी होने के दरम्यान रोगी का दो बार सैंपल कोरोना टेस्ट के लिए भेजा जाता था। पहले टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने पर अगले 24 घंटे में दोबारा उसी मरीज का सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजा जाता था। रिपोर्ट निगेटिव आने पर मरीज को कोरोना मुक्त मानकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाता था। अगर पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आती थी तो 48 घंटे में दोबारा सैंपल भेजा जाता था, फिर पॉजिटिव-निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य महकमा फैसला लेता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चंद रोज पहले ही कोरोना प्रोटोकाल की इस प्रक्रिया में शासन स्तर पर बदलाव किया गया है। इसके बाद नईगाइड लाइन जारी की गई है। सीतापुर में भी शासन की नईगाइड लाइन पर काम करने का फरमान आ चुका है। नए आदेश में अब कोरोना मरीजों की जांचों का दायरा सिमटता नजर आ रहा है। इसके तहत कोरोना संक्रमित का 14 दिन की मियाद पूरी होने के दरम्यान सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। पहले टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने पर मरीज को कोरोना मुक्त मान कर अस्पताल से छुट्टी कर दी जाएगी। मसलन, पहले सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई तो मरीज का दोबारा सैंपल भेजने की जरूरत नहीं होगी।
इसलिए हुआ बदलाव
जानकार बताते हैं कि कुछ केस छोड़कर बाकी सभी मरीजों की पहली रिपोर्ट ही निगेटिव आ जाती थी। इसके बाद भी 24 घंटे में मरीज की दोबारा कोराना जांच कराने पर रिपोर्ट फिर निगेटिव आती थी। लंबे समय तक इन निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर रिसर्च करने के बाद कोरोना जांच के प्रोटोकाल में ये बदलाव किया गया। विभागीय जानकारों की माने तो इससे समय और सरकार का खर्च दोनों की बचत होगी।
इनमें कोई बदलाव नहीं
-कोरोना पॉजिटिव मरीज का पहला सैंपल पहले की तरह 12वें दिन पर ही जाएगा।
-रिपोर्ट निगेटिव आने पर मरीज को कोरोना मुक्त मानकर 14वें दिन डिस्चार्ज किया जाएगा।
-पहले सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पहले की तरह मरीज को दूसरा सैंपल 48 घंटे पर ही जाएगा।
डॉक्टरों की जांच पुरानी गाइडलाइन पर
कोरोना संक्रमित मरीजों के टेस्ट कराने में भले ही बदलाव कर जांच के दायरे को कम किया गया हो, लेकिन कोविड अस्पताल में मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, एलटी आदि की कोरोना जांच में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ये पूर्व की तरह एक्टिव क्वारंटीन में रहने दौरान 5वें दिन, दूसरा सैंपल 12वें दिन जाएगा।
इनसेट
कोरोना पॉजिटिव मरीजों का 12वें दिन पहला सैंपल जाएगा। अब पहली रिपोर्ट निगेटिव आने ही पर मरीज को कोरोना मुक्त मान कर अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा। शासन की नईगाइड लाइन आने के बाद कोरोना की जांच की प्रक्रिया में ये बदलाव हुआ है। इससे समय और खर्च की बचत होगी।
- डॉ. पीके सिंह, एसीएमओ/नोडल अधिकारी