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अब कुतुबनगर क्षेत्र में पहुंचा बाघ

Tue, 15 Dec 2015 11:52 PM IST
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो
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मिश्रिख क्षेत्र में बाघ देखे जाने के बाद सोमवार की रात कुतुब नगर क्षेत्र के खानपुर गांव के निकट बाघ देखा गया। उसे देखकर गांव के पालतू जानवर खूंटे से रस्सी तोड़कर भाग गए। जिनको ग्रामीण सुबह तलाश कर घर वापस लाए। सूचना पाकर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने पग चिन्ह न मिलने की बात कही है। हालांकि उस क्षेत्र के खेतों में खून के निशान पाए गए हैं। बाघ देखे जाने से क्षेत्र में दहशत व्याप्त है।
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पिसावां क्षेत्र के ग्राम खानपुर निवासी मलखान यादव सोमवार की रात घर के आंगन में सो रहा था। आधी रात के समय अचानक आंगन में बधे जानवर आवाजें करने लगे। जिसकी वजह से मलखान यादव की नींद खुल गई। सामने उसने बाघ जैसा जानवर देखा। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, उसके आंगन में बंधे जानवर रस्सी तोड़कर सरपट भाग निकले। इसी तरह से गांव के शिव शंकर, धर्मपाल राजवंशी, संतोष यादव, अनिल कुमार आदि के जानवर भी खूंटे से बंधी रस्सी तोड़ भाग गए। बाघ देखे जाने की खबर फैलते ही पूरा गांव दहशत में आ गया। ग्रामीणों ने अपने खूंटों से जानवर नदारद देख स्थिति का अंदाजा लगाया और सूचना वन विभाग को दी। ग्रामीणों का यहां तक कहना है कि सबसे पहले उन्होंने खेतों की तरफ वनरोज का झुंड गांव की तरफ भागते देखा। जो कुछ ही पल में छलांग लगाता हुआ गांव से गुजर गया, उसके पीछे-पीछे बाघ भी आबादी में आ पहुंचा।

बाघ की आहट से पालतू जानवर अपने खूंटे की रस्सी तोड़कर भाग गए। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह होने पर वे अपने जानवरों को तलाश कर गांव लाए। सुबह होने पर एक वनकर्मी गांव पहुंचा। जिसने ग्रामीणों से बाघ के बारे में जानकारी ली। उसके बाद आसपास खेतों में तलाश की गई, इस दौरान गन्ने की पताई पर कई जगह खून के निशान मिले। वहीं कई स्थानों पर पंजों के निशान भी मिले। इस पर वनकर्मी ने कहा कि जो निशान मिले हैं, वे निशान बाघ के कदमों के नही हैं। बल्कि किसी छोटे जानवर जैसे सियार व भेड़िये के लग रहे हैं।  ग्रामीणों के  अनुसार जिस तरह से पालतू जानवर दहशत में हैं, उससे इस क्षेत्र में बाघ होने की बात पर बल मिल रहा है। क्षेत्र के सरौनी, कमलापुर, मोहम्मदपुर आदि गांवों में भी बाघ की चर्चा है और लोग दहशत में हैं। मंगलवार को ग्रामीण झुंड बनाकर कुतुब नगर बाजार गए और जरूरी सामान खरीद कर घर लौटे।
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