सीतापुर। शहर कोतवाली के समीप स्थित नजूल की बेशकीमती आठ बीघे जमीन के पट्टे समाप्त हाेने पर तहसील प्रशासन ने डीएम कोर्ट से जारी नोटिस को चस्पा किया है। संबंधित पक्षों को इसका 15 दिन में जवाब देना है। इस मामले की सुनवाई सात सितंबर को होगी। प्रशासन ने इस जमीन का उपयोग शहर कोतवाली के कायाकल्प करने के लिए योजना बनाई है।
तहसीलदार अजीत जायसवाल के अनुसार खान बहादुर सैय्यद रजी, बाबू सूरज विक्रम सिंह तालुकेदार थानगांव, गुरुबख्श सिंह समेत अन्य लोगों को दिए गए पट्टे वर्ष 1913 से 1966 के मध्य समाप्त हो गए हैं। पट्टेदारों या उनके वारिसों ने नियमानुसार पट्टों का नवीनीकरण नहीं कराया है।
पट्टे की मियाद समाप्त हाेने के बाद जमीन पर कब्जे को वैध नहीं माना गया है। कुल नजूल जमीन में से 0.0427 हेक्टेयर का फ्री होल्ड कराया जा चुका है। इसे कार्रवाई से बाहर रखा गया है। तकरीबन 1.115 हेक्टेयर जमीन में लगभग 0.646 हेक्टेयर हिस्सा खाली है, जबकि तकरीबन 0.511 हेक्टेयर जमीन पर गेस्ट हाउस, अस्पताल, निजी बस अड्डा, दुकानें और आवासीय भवन बने हैं।
डीएम कोर्ट से सभी प्रतिपक्षियों, कब्जेदारों और वारिसों को 15 दिन में मूल दस्तावेज के साथ जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। उप निबंधक सदर को संबंधित जमीन की खरीद-फरोख्त व रजिस्ट्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।