लहरपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को मानवता शर्मसार हो गई। प्रसव पीड़ा से कराहती महिला अस्पताल तो पहुंच गई, लेकिन अस्पताल का चैनल बंद मिला।
नतीजतन साथ गई महिलाओं ने अस्पताल परिसर में ही प्रसव कराया। हालांकि महिला के परिवार वालों ने इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की है। केंद्र प्रभारी का कहना है कि सफाईकर्मी की लापरवाही से ऐसा हुआ है। उसे चेतावनी दी गई है।
मोहल्ला बहलोलपुर निवासी सईद अहमद की पत्नी जाहिदा परवीन (27) को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिवार के सदस्य उसे ठेलिया पर लादकर सीएचसी पहुंचे। सुबह के आठ बज रहे थे लेकिन अस्पताल का चैनल बंद था।
परिवार के सदस्य चैनल खुलवाने के लिए इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन कोई भी कर्मचारी नजर नहीं आया। काफी आवाजें भी दीं लेकिन अस्पताल के किसी भी कर्मचारी ने चैनल नहीं खोला।
उधर, जाहिदा दर्द से तड़पने लगी। यह देख साथ गई महिलाओं ने अस्पताल परिसर में ही साड़ी तानकर खुले में किसी तरह प्रसव कराया। उधर, आसपास के लोगों में अस्पताल प्रशासन की ऐसी लापरवाही पर गुस्सा था।
लोगों के एकजुट होने पर आननफानन चैनल खोला गया और महिला व उसकी नवजात पुत्री को अस्पताल के लेबर रूम में ले जाया गया। जिसके बाद इलाज शुरू हो सका। उधर, बताते हैं पीड़ित परिवार ने मामले में किसी से शिकायत नहीं की है पर ऐसी लापरवाही से उसकी जान पर भी बन सकती है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, सफाई कर्मी सुबह के वक्त अस्पताल की सफाई कर रहा था। सफाईकर्मी ने ही चैनल को बंद कर दिया था। इस गलती के लिए उसे कड़ी चेतावनी दी गई है।