अफसरों को शासकीय योजनाओं व शासनादेशों की सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। ऐसा देखा जाता है कि विभागीय अधिकारियों को ही शासन के आदेशों के बारे में जानकारी नही होती है।
अफसर जो भी निर्देश मातहतों को दें वह लिखित में होना चाहिए और उसकी समयानुसार समीक्षा भी होनी चाहिए। विकास कार्य शासन व प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। शासन की जो योजनाएं संचालित हो रही हैं, उनका बेहतर क्रियान्वयन समय से किया जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम सूर्यपाल गंगवार ने कहा कि शासन गांव-गरीब के विकास को लेकर जो योजनाएं संचालित कर रहा है, उसका लाभ हर हाल में पात्र व्यक्तियों को मिले। इस बात का खास ख्याल रखा जाए।
उन्होंने बैठक में समग्र गांव, लोहिया आवास, कामधेनु डेरी योजना, कौशल विकास मिशन, शौचालय, राज्य पोषण मिशन, मॉडल स्कूल, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, विद्युतीकरण, पेयजल योजना, पेंशन योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा की।
जिसमें उन्होंने विभागीय अफसरों को ताकीद की कि वह सभी योजनाओं के बेहतर संचालन को लेकर स्वयं प्रतिदिन निगरानी करें और फीड बैक लें। लोक निर्माण विभाग के कार्यों को लेकर डीएम खासा नाराज दिखे।
बैठक में मंडलायुक्त के आठ निरीक्षणों की अनुपालन आख्या की भी समीक्षा की गई। बैठक में सीडीओ शिवेन्द्र कुमार सिंह, डीडीओ डीके दोहरे, समाज कल्याण अधिकारी रणजीत सिंह, कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह, डीपीआरओ रवीन्द्र राय आदि मौजूद थे।